ईरान के दक्षिणी शहर बुशेहर और उसके आस-पास के इलाकों में शनिवार को कई ज़ोरदार धमाके हुए. इन हमलों में देश के इकलौते चालू परमाणु बिजली घर के पास भी स्ट्राइक हुई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. इस हमले के बाद परमाणु केंद्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता जताई जा रही है.
IAEA ने पुष्टि की है कि प्लांट के एक कर्मचारी को मिसाइल का टुकड़ा लगने से उसकी मौत हो गई. धमाकों के झटकों और मलबे से इमारत को नुकसान पहुँचा है. IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रोसी ने परमाणु साइटों को निशाना बनाने पर गहरी चिंता जताई और कहा कि इससे बड़ी तबाही हो सकती है. हालांकि, IAEA और Rosatom ने बताया कि रेडिएशन लेवल नहीं बढ़ा है और स्थिति अभी नियंत्रण में है.
ये हमले ऐसे समय में हुए जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर हवाई हमले किए थे. फार्स न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया कि इज़राइली सेना ने प्रांत की दो जगहों पर हमला किया. वहीं इज़राइली सेना ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्होंने पश्चिमी ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल यूनिट्स और लॉन्चरों को तबाह कर दिया है. इसके अलावा बुशेहर पोर्ट पर एक शिपयार्ड में संदिग्ध तोड़फोड़ की वजह से कम से कम सात जहाजों में आग लग गई, लेकिन वहां कोई हताहत नहीं हुआ.
इस बीच क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ गया है क्योंकि सऊदी अरब ने रियाद और अपने पूर्वी इलाकों को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को नाकाम करने की खबर दी है. सऊदी सरकार ने इस हमले को अनुचित बताया और जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है.
ईरान के रेड क्रिसेंट ने बताया कि हमले देश के 20 से ज़्यादा प्रांतों में हुए, जिनमें सबसे गंभीर हमला होर्मोज़गन प्रांत के मीनाब में एक स्कूल पर हुआ. इन हमलों के बाद तेहरान ने IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की एक ज़रूरी विशेष बैठक बुलाने की मांग की है.
