ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट से बड़ी खबर आई है। रूस की सरकारी कंपनी Rosatom ने शनिवार सुबह वहां से 198 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। बताया जा रहा है कि प्लांट के पास हुई गोलाबारी में एक सुरक्षाकर्मी की जान चली गई है और एक बाहरी इमारत को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने साफ किया है कि अभी रेडिएशन बढ़ने का कोई खतरा नहीं है और मुख्य रिएक्टर सुरक्षित है।

ईरान के इस न्यूक्लियर प्लांट में क्या हुआ और कितने लोग निकाले गए?

रूस की सरकारी कंपनी Rosatom के प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने जानकारी दी कि आज सुबह से ही निकासी का काम शुरू कर दिया गया था। इसमें कुल 198 कर्मियों को वहां से बाहर निकाला गया है। यह फैसला प्लांट के पास बढ़ते हमलों को देखते हुए लिया गया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी पुष्टि की है कि प्लांट की एक साइड बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है, लेकिन मुख्य हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है। वहां अभी भी लगभग 50 वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे जो जरूरी कामकाज संभालेंगे ताकि प्लांट की सुरक्षा बनी रहे।

हमले और सुरक्षा को लेकर क्या है ताजा जानकारी?

इस घटनाक्रम को लेकर कुछ जरूरी बातें सामने आई हैं जो इस प्रकार हैं:

  • निकासी का समय: यह ऑपरेशन 4 अप्रैल 2026 की सुबह शुरू किया गया जो रूस की योजना का हिस्सा था।
  • जान-माल का नुकसान: ताज़ा हमले में एक सुरक्षा कर्मचारी की मौत हो गई और सपोर्ट बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हुई।
  • रेडिएशन का स्तर: IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने बताया कि फिलहाल रेडिएशन का स्तर सामान्य है।
  • रूस की मांग: रूस अब अमेरिका और इसराइल से बातचीत कर रहा है ताकि लोगों को निकालने के रास्तों पर सीजफायर रहे।
  • ईरान का पक्ष: ईरानी अधिकारियों ने परमाणु केंद्र पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है।

बुशहर प्लांट पर यह चौथा हमला बताया जा रहा है। रूस ने पहले ही संकेत दिया था कि वे अपने नागरिकों और कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए अंतिम चरण पर काम कर रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है क्योंकि परमाणु केंद्रों पर हमले से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.