ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट (BNPP) के पास एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी IAEA ने सैटेलाइट तस्वीरों की जांच के बाद कन्फर्म किया है कि एक मिसाइल प्लांट की बाउंड्री से मात्र 75 मीटर की दूरी पर गिरा है। हालांकि परमाणु केंद्र को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के हमलों से भविष्य में गंभीर रेडियोधर्मी दुर्घटना हो सकती है। इस हमले के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बुशेहर परमाणु प्लांट पर हमले की बड़ी बातें
- हमले का समय: अमेरिकी और इसराइली हमला 4 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे हुआ था।
- कितना हुआ नुकसान: हमले में प्लांट की सुरक्षा में तैनात एक कर्मचारी की मौत हो गई और एक सहायक बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है।
- धमाके की दूरी: सैटेलाइट जांच में सामने आया है कि धमाका मुख्य साइट के पेरीमीटर से सिर्फ 75 मीटर दूर हुआ।
- चौथा हमला: 28 फरवरी से अब तक इस प्लांट के पास यह चौथा हमला दर्ज किया गया है।
- रूस का एक्शन: हमले के बाद रूस ने प्लांट में काम कर रहे अपने 198 नागरिकों को वहां से निकालना शुरू कर दिया है।
IAEA और ईरान ने इस हमले पर क्या कहा?
IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि परमाणु केंद्रों के आसपास सैन्य गतिविधियां बंद होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में भारी मात्रा में न्यूक्लियर फ्यूल मौजूद है और अगर किसी हमले में रिएक्टर को नुकसान पहुंचता है, तो पूरे क्षेत्र में रेडिएशन फैलने का खतरा है। उन्होंने सुरक्षा के सात नियमों का पालन करने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि इन हमलों से पूरे क्षेत्र में प्रदूषण फैल सकता है। ईरान ने IAEA पर आरोप लगाया है कि वह इन हमलों को रोकने के लिए पर्याप्त कड़ा रुख नहीं अपना रहा है।
