अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के बुशहर परमाणु प्लांट के पास हुए ताज़ा हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। एजेंसी ने साफ कहा है कि अगर ये हमले नहीं रुके, तो इसका अंजाम बहुत बुरा हो सकता है और एक बड़ा रेडियोधर्मी हादसा होने का डर है। हाल ही में हुए एक हमले में मिसाइल प्लांट की बाउंड्री से महज़ 75 मीटर की दूरी पर गिरी है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परमाणु प्लांट के पास हमले से क्या नुकसान हुआ है?

बुशहर परमाणु प्लांट के पास सैन्य गतिविधियों के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। 4 अप्रैल 2026 को ईरान ने IAEA को जानकारी दी थी कि प्लांट के पास एक हमला हुआ है, जिसमें सुरक्षा बल का एक जवान मारा गया और एक इमारत को नुकसान पहुँचा है। राहत की बात यह है कि अभी तक प्लांट के अंदर या बाहर रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।

IAEA और विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्या है चेतावनी?

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों के पास इस तरह की सैन्य कार्रवाई लोगों और पर्यावरण के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस पर अपनी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि अगर प्लांट को नुकसान पहुँचता है, तो इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर आने वाली कई पीढ़ियों तक देखे जा सकते हैं।

तारीख घटना की जानकारी
4 अप्रैल 2026 प्लांट के पास हमला हुआ, एक जवान की मौत और इमारत को नुकसान पहुँचा।
6 अप्रैल 2026 IAEA ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर हमलों की पुष्टि की।
6 अप्रैल 2026 राफेल ग्रॉसी ने सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकने की अपील की।
6 अप्रैल 2026 ईरान ने हमलों के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने इस मामले में IAEA की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सुस्ती की वजह से ऐसी हरकतों को बढ़ावा मिलता है। फिलहाल प्लांट सुरक्षित है, लेकिन बार-बार होने वाले ये हमले भविष्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।