ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के परिसर में एक प्रोजेक्टाइल गिरने की खबर सामने आई है। यह घटना 17 मार्च 2026 की शाम करीब 7 बजे की है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान ने उन्हें आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी दी है। राहत की बात यह है कि प्लांट के मुख्य रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और इलाके में रेडिएशन का स्तर भी पूरी तरह से सामान्य है। इस घटना के बाद सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
न्यूक्लियर प्लांट में क्या नुकसान हुआ?
ईरान की अथॉरिटी और IAEA के डाटा के मुताबिक, इस हमले में प्लांट के कोर हिस्से को कोई नुकसान नहीं हुआ है। स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है।
- प्रोजेक्टाइल प्लांट के मेट्रोलॉजी सर्विस बिल्डिंग के पास गिरा था।
- यहां काम करने वाले लगभग 600 रूसी कर्मचारियों में से किसी को भी कोई चोट नहीं आई है।
- प्लांट का मुख्य 1,000 MW रिएक्टर अभी भी सामान्य रूप से काम कर रहा है।
- सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूनिट 2 और 3 के विस्तार का काम फिलहाल रोक दिया गया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर है?
इस घटना के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सऊदी अरब और कुवैत के सिविल डिफेंस ने हवा की क्वालिटी और रेडिएशन की निगरानी तेज कर दी है।
अभी तक की जांच में हवा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी या खतरा नहीं पाया गया है। हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। इसके अलावा, रूस की कंपनी Rosatom ने भी हालात बिगड़ने की स्थिति में अपने 150 से 200 कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित निकालने की योजना तैयार कर ली है। संयुक्त राष्ट्र भी पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है।
