ईरान के बुशहर (Bushehr) परमाणु ऊर्जा केंद्र के पास 4 अप्रैल 2026 को एक मिसाइल हमला हुआ है. इस हमले में वहां तैनात सुरक्षा स्टाफ के एक सदस्य की जान चली गई है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और ईरानी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है. 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह चौथी बार है जब इस परमाणु परिसर को निशाना बनाया गया है.

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क्या हमले से रेडिएशन फैलने का कोई डर है?

IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने कहा है कि हमले के बाद रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. प्लांट की मुख्य मशीनें और जरूरी हिस्से पूरी तरह सुरक्षित हैं और अपना काम कर रहे हैं. हालांकि, परिसर की एक बाहरी इमारत को नुकसान पहुंचा है. परमाणु एजेंसी ने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों के पास सैन्य कार्रवाई करना सुरक्षा नियमों के खिलाफ है और इससे बड़ा हादसा हो सकता है.

बुशहर प्लांट पर हुए हमलों का पूरा ब्यौरा

तारीख क्या हुआ
4 अप्रैल 2026 ताजा हमला हुआ और एक कर्मचारी की मौत हुई.
24 मार्च 2026 प्लांट के पास बड़ा हवाई हमला हुआ, रूस ने कड़ी आपत्ति जताई थी.
17 मार्च 2026 परिसर के अंदर मिसाइल गिरने की पहली खबर आई थी.
28 फरवरी 2026 ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों की शुरुआत हुई.

खाड़ी देशों और रूस की क्या है प्रतिक्रिया?

  • ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर हमला जारी रहा, तो परमाणु कचरा खाड़ी देशों (GCC) की राजधानियों तक पहुंच सकता है.
  • रूस ने बुशहर प्लांट से अपने गैर-ज़रूरी कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है और इसे एक बड़ी तबाही की आहट बताया है.
  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के बिजली घरों और पुलों को भी निशाना बना सकते हैं.
  • ईरान के अधिकारियों ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है.