ईरान के बुशहर (Bushehr) न्यूक्लियर पावर प्लांट पर एक बार फिर हमला हुआ है। यह पिछले 10 दिनों के भीतर इस प्लांट पर हुआ तीसरा हमला बताया जा रहा है। ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था (AEOI) के मुताबिक, यह हमला शुक्रवार रात करीब 11:40 बजे हुआ था। राहत की बात यह है कि इस हमले में प्लांट को कोई तकनीकी या वित्तीय नुकसान नहीं पहुंचा है और वहां कामकाज सामान्य रूप से जारी है।

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हमले के बाद क्या है मौजूदा हालात?

ईरान के अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस घटना पर जरूरी जानकारी साझा की है। प्लांट की स्थिति की मुख्य बातें यहां दी गई हैं:

  • प्लांट का संचालन: बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पूरी तरह से काम कर रहा है और बिजली उत्पादन में कोई बाधा नहीं आई है।
  • नुकसान की रिपोर्ट: शुरुआती जांच के बाद बताया गया है कि किसी भी हिस्से को कोई नुकसान नहीं हुआ है और न ही कोई हताहत हुआ है।
  • रेडिएशन का खतरा: IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने साफ किया है कि प्लांट से किसी भी तरह का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और रिएक्टर सुरक्षित है।
  • IAEA की चेतावनी: परमाणु एजेंसी ने कहा है कि प्लांट के पास सैन्य गतिविधि से बड़ा रेडियोलॉजिकल खतरा पैदा हो सकता है।

ईरान सरकार का इस हमले पर क्या कहना है?

ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर हमले को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है और इसका भारी नुकसान हमलावरों को उठाना होगा। ईरानी मीडिया ने इस हमले के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ होने का आरोप लगाया है। बुशहर के अलावा खोंदाब में हैवी वॉटर प्लांट पर भी हमला हुआ है, लेकिन वहां भी किसी खतरे की खबर नहीं है।