ईरान की इस्लामिक गठबंधन पार्टी ने चीन से अपील की है कि वह अमेरिका की एकतरफा कार्रवाई का विरोध करे। यह खबर ऐसे समय आई है जब दुनिया की नजरें अमेरिका और चीन के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। ईरान चाहता है कि चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका साथ दे ताकि अमेरिकी दबाव को कम किया जा सके।

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ईरान ने चीन से क्या मदद मांगी है?

ईरान चाहता है कि चीन अमेरिका के सामने उसकी बात मजबूती से रखे। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले ईरान ने अपनी कुछ अहम मांगें चीन के जरिए पहुंचाने की कोशिश की है। ईरान की मुख्य मांगों में युद्ध का स्थायी अंत, एक स्थिर युद्धविराम ढांचा, प्रतिबंधों में राहत और अपने कानूनी अधिकारों की मान्यता शामिल है। ईरान के राजदूत ने बताया कि चीन इस संदेश को पहुंचाने के लिए सही जगह पर है।

चीन और ईरान के रिश्तों में क्या बदलाव आए हैं?

ईरानी अधिकारी रहमनी फाज़ली ने जानकारी दी कि चीन अब ईरान के लिए सिर्फ एक आर्थिक पार्टनर नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के दबाव, धमकियों और एकतरफा फैसलों के खिलाफ राजनीतिक संतुलन बनाने में मदद कर रहा है। ईरान अपनी राजनयिक रणनीति को बदलने के लिए चीन जैसे रणनीतिक साथियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

चीन का अमेरिका के प्रतिबंधों पर क्या कहना है?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने अमेरिका द्वारा उन चीनी कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों का कड़ा विरोध किया है जो ईरान से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने इन प्रतिबंधों को अवैध और एकतरफा बताया। चीन का मानना है कि दुनिया में युद्ध को रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। आने वाले समय में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग में वैश्विक शांति और आपसी रिश्तों पर चर्चा करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने चीन से अमेरिका के खिलाफ मदद क्यों मांगी?

ईरान चाहता है कि चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की एकतरफा कार्रवाई का विरोध करे और डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान ईरान की मांगों जैसे युद्धविराम और प्रतिबंधों में राहत की बात रखे।

चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ईरान से जुड़ी चीनी कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को अवैध और एकतरफा बताया है।