ईरान के Acting Defense Minister ब्रिगेडियर जनरल Seyed Majid Ebnolreza ने इजरायल के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए इस्लामी देशों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम देश एक साथ आएंगे, तभी क्षेत्र में शांति बनी रहेगी और इजरायल की मनमानी रुकेगी। यह बात उन्होंने तुर्की के रक्षा मंत्री Yaşar Güler के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कही।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नया प्रस्ताव
ईरान के रक्षा मंत्री ने इजरायल द्वारा गाजा, लेबनान, सीरिया और ईरान में किए जा रहे ऑपरेशन्स पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल सीरिया और लेबनान में अपने सुरक्षा जोन बनाना चाहता है, जिससे पूरे इलाके में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने एक ‘इस्लामिक सिक्योरिटी एलायंस’ बनाने का प्रस्ताव दिया है।
इस गठबंधन में ईरान इन मुख्य देशों को शामिल करना चाहता है:
- ईरान
- तुर्की
- पाकिस्तान
- सऊदी अरब
- मिस्र (Egypt)
उनका मानना है कि इलाके की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ यहीं के देशों को संभालनी चाहिए, बाहरी देशों के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
पूर्व सुप्रीम लीडर के जनाजे को लेकर चेतावनी
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei का जनाजा 4 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस मौके पर Khatam al-Anbiya सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर Ali Abdollahi ने अमेरिका और इजरायल को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान कोई हमला हुआ, तो ईरान उसका बहुत कड़ा और दुखद जवाब देगा।
संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने लोगों से भारी संख्या में इस जनाजे में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि शहीद लीडर का असली बदला अमेरिका और इजरायल के जुल्मों को खत्म करके ही लिया जा सकता है।
नेतृत्व पर हमले की धमकी और परमाणु कार्यक्रम
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इजरायल को चेतावनी दी है कि अगर ईरानी नेतृत्व या जनता को कोई खतरा पहुँचाया गया, तो इसका जवाब तुरंत और जोरदार होगा। यह बयान इजरायली रक्षा मंत्री Israel Katz के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को ‘मौत की सूची’ में रखा गया है।
इस तनाव के बीच ईरान की संसद की एक कमेटी ने संकेत दिया है कि इजरायल की धमकियों के बाद तेहरान अपने परमाणु समझौतों पर फिर से विचार कर सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका से टकराव
ईरान की मिलिट्री ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में बिना मंजूरी के रास्ता बदलने वाले जहाजों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विदेश मंत्री Araghchi ने अमेरिका की CENTCOM मौजूदगी की आलोचना करते हुए कहा कि इससे सुरक्षा नहीं बढ़ती, बल्कि अस्थिरता आती है।
वहीं दूसरी ओर, कतर और पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में बातचीत चल रही है। इसमें युद्धविराम, जहाजों की आवाजाही और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है, हालांकि ईरान को अमेरिकी वादों पर भरोसा नहीं है।
