ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी एक बार फिर बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका और Bahrain ने एक प्रस्ताव पेश किया है जिसे ईरान ने पूरी तरह से ‘बेतुका और धोखा’ बताया है। इस पूरे विवाद का असर अब ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन पर भी दिख रहा है और दुनिया भर में तनाव का माहौल है।

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अमेरिका के UN प्रस्ताव में क्या है और ईरान क्यों नाराज है?

अमेरिका और Bahrain ने मिलकर UN सुरक्षा परिषद में एक ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में ईरान से मांग की गई है कि वह Strait of Hormuz को फिर से खोले, जहाजों पर हमले बंद करे और समुद्र में बिछाई गई माइन्स को हटाकर अवैध टैक्स बंद करे। ईरान के UN मिशन ने इस कदम को धोखेबाज बताया है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य आक्रामकता और अवैध घेराबंदी के असर को ईरान पर थोपने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका की राजनीति और रूस-चीन का रुख क्या है?

इस प्रस्ताव को 110 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला है लेकिन Russia और China ने इसे एकतरफा बताया है और इसमें गंभीर चिंता जताई है। वहीं अमेरिका की सीनेट में युद्ध रोकने के लिए लाए गए एक प्रस्ताव को 50-49 के वोट से खारिज कर दिया गया। इस युद्ध की अब तक की लागत 29 बिलियन डॉलर पहुंच चुकी है। राष्ट्रपति Donald Trump इस मामले पर चर्चा करने के लिए चीन पहुंचे हैं जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Xi Jinping से होगी।

युद्ध और शांति की ताजा स्थिति क्या है?

  • सीजफायर: राष्ट्रपति Trump ने 13 मई को कहा कि ईरान के जवाब के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर अब बहुत नाजुक स्थिति में है।
  • नौसेना नाकाबंदी: अमेरिकी प्रशासन ने सीजफायर का दावा किया लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी अब भी जारी है।
  • लेबनान तनाव: UN शांति मिशन ने लेबनान में Hezbollah और इजराइली सेनाओं की बढ़ती गतिविधियों और ड्रोन के इस्तेमाल पर चिंता जताई है।
  • सैन्य तैयारी: ईरान के एक कमांडर ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी समय अमेरिकी हमले का सामना करने के लिए तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz विवाद का मुख्य कारण क्या है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान इस समुद्री रास्ते को जहाजों के लिए खोले और समुद्री माइन्स हटाए, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता का मामला मानता है और अमेरिकी नाकाबंदी का विरोध कर रहा है।

इस युद्ध से अमेरिका को अब तक कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे इस युद्ध की वजह से अमेरिकी टैक्सपेयर्स का अब तक लगभग 29 बिलियन डॉलर खर्च हो चुका है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com