ईरान ने एक बार फिर अमेरिका पर बड़ा निशाना साधा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने 22 मई 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं, बल्कि एक बड़ा खतरा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत और खींचतान का दौर जारी है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और बातचीत में मामूली प्रगति

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस बड़े तनाव के बीच बातचीत का दौर भी चल रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए ईरान के साथ बातचीत में मामूली प्रगति हुई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची से मुलाकात की है और शांति प्रस्तावों पर चर्चा की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह नए अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का कुछ दिन इंतजार करेंगे।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध की चेतावनियां

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोहराया है कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा नहीं खोलता है, तो अमेरिका के पास ‘प्लान बी’ तैयार है। ईरान ने फरवरी से ही इस जलमार्ग को गैर-ईरानी जहाजों के लिए बंद कर रखा है। इसके साथ ही, ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका कोई सैन्य कदम उठाता है, तो वे तत्काल जवाबी कार्रवाई करेंगे, जिससे यह संघर्ष पूरे क्षेत्र से बाहर भी फैल सकता है।

प्रतिबंधों को लेकर ईरान ने जताई कड़ी आपत्ति

ईरान के विदेश मंत्रालय ने लेबनान में अपने नामित राजदूत मोहम्मद रजा रऊफ शैबानी और हिजबुल्लाह से जुड़े अन्य लोगों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने इन प्रतिबंधों को पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी बताया है। इसके अलावा, अमेरिकी विदेश मंत्री ने नाटो सहयोगियों के साथ स्वीडन में मुलाकात के दौरान यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में यूरोप से अमेरिकी सैनिकों की संख्या में कमी की जा सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिकी सेना को लेकर क्या आधिकारिक बयान दिया है?

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी सुरक्षा का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा खतरा पैदा करती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर क्या विवाद चल रहा है?

ईरान ने फरवरी से इस जलमार्ग को गैर-ईरानी जहाजों के लिए बंद कर रखा है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इसे नहीं खोलता है तो वह अपने ‘प्लान बी’ पर काम करेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कौन मध्यस्थता कर रहा है?

पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसके गृह मंत्री ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री के साथ शांति प्रस्तावों पर चर्चा की है।