ईरान के सेंट्रल बैंक के प्रमुख अब्दुलनासिर हम्माती 25 मई 2026 को कतर की यात्रा पर पहुंचे हैं। कतर की राजधानी में होने वाली यह बैठक ईरान के विदेशों में रुके हुए फंड, खासकर कतर में मौजूद 12 बिलियन डॉलर की संपत्ति को जारी कराने के लिए हो रही है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ आगे की किसी भी कूटनीतिक बातचीत के लिए इस पैसे का जारी होना पहली और सबसे जरूरी शर्त है।

कतर में मौजूद 12 बिलियन डॉलर के फंड को लेकर क्या है पूरा विवाद?

ईरान के सेंट्रल बैंक प्रमुख अब्दुलनासिर हम्माती की कतर यात्रा से पहले तेहरान में कतरी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इसके बाद ही यह कतर यात्रा तय की गई है। ईरान अपनी इस रुकी हुई रकम को तुरंत वापस पाना चाहता है। कतर इस वित्तीय लेनदेन में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों या किसी अन्य तकनीकी कारण से इस फंड को मिलने में देरी न हो। कतर इस पैसे को शुरुआत में ही ईरान को ट्रांसफर करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसका बाद में अमेरिका के साथ निपटारा किया जाएगा।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर क्या बोले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 25 मई 2026 को बताया कि उनका मुख्य ध्यान अभी परमाणु मुद्दे पर नहीं, बल्कि क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को रोकने पर है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ होने वाला समझौता या तो बहुत अच्छा और सार्थक होगा, या फिर कोई समझौता ही नहीं होगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इसे एक मजबूत प्रस्ताव बताया है और कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी कमजोर समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। पाकिस्तान भी इस पूरे मामले में दोनों देशों के बीच बातचीत की मध्यस्थता कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के सेंट्रल बैंक प्रमुख कतर क्यों गए हैं?

ईरान के सेंट्रल बैंक के प्रमुख अब्दुलनासिर हम्माती 25 मई 2026 को कतर में रोके गए ईरान के 12 बिलियन डॉलर के फंड को जारी कराने के संबंध में बातचीत करने के लिए कतर गए हैं।

क्या ईरान इस फंड को लेकर कोई शर्त रख रहा है?

हां, ईरान ने शर्त रखी है कि अमेरिका के साथ आगे की बातचीत या किसी भी नए समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले कतर में रुके इस फंड को तुरंत जारी किया जाना चाहिए।