ईरान के चाबहार और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्रों पर भारी बमबारी की ख़बरों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। अमेरिका और इसराइल की सेनाएं ईरान के भीतर हज़ारों ठिकानों को निशाना बना रही हैं जिससे भारी नुकसान की बात सामने आई है। चाबहार के पास एक अमेरिकी लड़ाकू विमान पर हमले की कोशिश और सऊदी अरब द्वारा अपनी सीमा में ड्रोन गिराए जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे यात्रा और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
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ईरान में ताज़ा हमलों और सुरक्षा के क्या हैं हालात?
ईरान के कई बड़े शहर जैसे तेहरान, ज़ंजन और इस्फहान इस समय हमलों का सामना कर रहे हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि युद्ध की शुरुआत से अब तक उन्होंने ईरान में 12,300 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इसी तरह इसराइली सेना ने भी 4,000 से अधिक जगहों को निशाना बनाया है। चाबहार के पास एक ईरानी मिसाइल ने अमेरिकी सुपर हॉर्नेट विमान को गिराने की कोशिश की थी, लेकिन विमान बच निकलने में सफल रहा।
सऊदी अरब और क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर हुआ है?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से बताया है कि उन्होंने पिछले 24 घंटों के दौरान 4 ड्रोन को मार गिराया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने साफ़ चेतावनी दी है कि अगर उनके तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और अन्य सहयोगी देशों के जल और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएंगे।
- सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन ने अपनी हवाई सुरक्षा को अलर्ट पर रखा है।
- ईरान के चाबहार जेल में भी सुरक्षा बलों और कैदियों के बीच झड़प की ख़बरें आई हैं।
- अमेरिका और इसराइल के साझा हमले ईरान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
- ईरान के विदेश मंत्री ने इन हमलों को गैर-कानूनी बताते हुए जवाबी कार्रवाई की तैयारी की बात कही है।
