अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी है जिसकी वजह से समुद्री व्यापार पूरी तरह रुक गया है. US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक चाबहार पोर्ट पर अब 20 से ज्यादा जहाज खड़े हैं. पहले यहाँ औसतन केवल 5 जहाज होते थे लेकिन अमेरिकी कार्रवाई के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ गई है.

अमेरिका ने नाकेबंदी क्यों की और इसका क्या असर हुआ?

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकेबंदी शुरू की. CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना उन जहाजों को रोक रही है जो ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं. इसके असर से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • नाकेबंदी के पहले 24 घंटों के भीतर ईरान के बंदरगाहों से कोई भी जहाज बाहर नहीं निकल पाया.
  • शुरुआत में ही 6 व्यापारिक जहाजों को अमेरिकी निर्देशों के बाद वापस ईरानी बंदरगाहों की ओर लौटना पड़ा.
  • 28 अप्रैल 2026 तक अमेरिकी सेना ने कुल 39 जहाजों को वापस लौटने या रास्ता बदलने का निर्देश दिया.
  • 28 अप्रैल को Blue Star 3 नाम के एक कंटेनर जहाज को रोका गया, जिसकी तलाशी के बाद उसे छोड़ दिया गया.

भारत के लिए चाबहार पोर्ट का क्या महत्व है और अब क्या स्थिति है?

भारत चाबहार पोर्ट परियोजना में एक बड़ा हिस्सा रखता है. हालांकि, 26 अप्रैल 2026 को इस पोर्ट के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म हो गई. इस वजह से भारत के लिए स्थिति मुश्किल हो गई है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चाबहार पोर्ट का मुद्दा ईरान और अमेरिका दोनों के साथ चर्चा में है. मौजूदा संघर्ष की वजह से यह मामला काफी जटिल हो गया है. चर्चा यह भी है कि भारत अपनी हिस्सेदारी किसी ईरानी कंपनी को सौंपने पर विचार कर सकता है.

चाबहार पोर्ट पर जहाजों की ताज़ा स्थिति क्या है?

29 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र समाचार (UNN) ने CENTCOM का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिकी नाकेबंदी के कारण चाबहार पोर्ट पर जहाजों की भारी भीड़ जमा हो गई है. विंडवर्ड (Windward) की रिपोर्ट के अनुसार पोर्ट के लंगर क्षेत्र में सात टैंकर मौजूद हैं, जिनमें से छह VLCC और एक स्वेजमैक्स टैंकर है. ये जहाज बिना AIS ट्रांसमिशन के वहां काम कर रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

चाबहार पोर्ट पर जहाजों की संख्या अचानक क्यों बढ़ गई?

अमेरिका द्वारा 13 अप्रैल 2026 से की गई नौसैनिक नाकेबंदी के कारण जहाज बंदरगाह से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे वहां जहाजों की संख्या 5 से बढ़कर 20 से ज्यादा हो गई है.

क्या भारत इस मुद्दे पर किसी देश से बात कर रहा है?

हाँ, भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार इस जटिल मुद्दे को लेकर अमेरिका और ईरान दोनों के साथ बातचीत चल रही है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.