ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अपनी पुरानी नीति को पूरी तरह से बदल दिया है और अब वह अमेरिका के किसी भी हमले का तुरंत और कड़ा जवाब देने की तैयारी में है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अब रणनीतिक धैर्य रखने के मूड में नहीं है और उसने नई सैन्य नीति अपना ली है।

ईरान ने अपनी सैन्य नीति में क्या बड़ा बदलाव किया है?

क्विंसी इंस्टीट्यूट फॉर रिस्पॉन्सिबल स्टेटक्राफ्ट के कार्यकारी उपाध्यक्ष त्रिता पारसी ने 10 जून 2026 को अल जज़ीरा से बातचीत में बताया कि ईरान ने अपनी ‘रणनीतिक धैर्य’ की नीति को छोड़ दिया है। अब ईरान ने एक नया सिद्धांत अपनाया है जिसके तहत किसी भी अमेरिकी हमले का तुरंत और बहुत गंभीर तरीके से जवाब दिया जाएगा। ईरान का मुख्य उद्देश्य अमेरिका को यह संदेश देना है कि वह बिना किसी डर के हमले नहीं कर सकता और किसी भी हमले का तुरंत जवाब देकर तनाव बढ़ाना ही ईरान की नई सुरक्षा रणनीति का मुख्य हिस्सा है।

ईरान के विदेश मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों का क्या रुख है?

ईरान के आधिकारिक विभागों और सेना की तरफ से भी इस नई नीति को लेकर कड़े बयान आए हैं। इस संबंध में मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • विदेश मंत्रालय का बयान: 10 जून 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरानी क्षेत्र पर अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन थे। ईरान ने इसके जवाब में आत्मरक्षा के तहत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
  • आईआरजीसी की चेतावनी: इससे पहले मई 2026 में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया, तो उस पर जवाबी हमला कानूनी और निश्चित होगा।
  • नेतृत्व पर हमले की चेतावनी: मार्च 2026 में रूस में ईरान के राजदूत ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता को निशाना बनाने की कोशिश की, तो उसे बहुत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

क्या लेबनान और इजरायल पर भी पड़ेगा इसका असर?

विशेषज्ञ त्रिता पारसी ने यह भी बताया कि ईरान की इस नई नीति का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। लेबनान पर इजरायली हमलों के प्रति ईरान की प्रतिक्रिया दिखाती है कि उसकी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है। ईरान ने अब लेबनान के आसपास अपनी एक नई सुरक्षा रेखा खींच दी है। ईरान अब यह साफ कर देना चाहता है कि किसी भी प्रकार का सैन्य हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे उसका दायरा कितना भी छोटा क्यों न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान की नई सैन्य नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ईरान की नई नीति का उद्देश्य अमेरिका को बिना किसी डर के हमले करने से रोकना है। अब ईरान किसी भी अमेरिकी हमले का तुरंत और बेहद गंभीर जवाबी कार्रवाई से जवाब देगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को लेकर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने 10 जून 2026 को कहा कि अमेरिकी हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं, और ईरान ने आत्मरक्षा में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।