ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi बीजिंग पहुंचे जहां उन्होंने चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से मुलाकात की। यह मुलाकात 28 फरवरी से चल रहे अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले के बाद उनकी पहली चीन यात्रा है। दोनों देशों ने दुनिया के मौजूदा हालात और युद्ध को रोकने के तरीकों पर विस्तार से बात की।
चीन ने युद्ध रोकने के लिए क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने पिछले दो महीने से चल रहे युद्ध पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि अब एक व्यापक युद्धविराम (ceasefire) की सख्त जरूरत है और दोबारा लड़ाई शुरू होना स्वीकार नहीं किया जाएगा। चीन ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा का अधिकार है और चीन तनाव कम करने के लिए पूरी कोशिश करेगा। चीन ने Strait of Hormuz में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की भी मांग की।
ईरान का अमेरिका के साथ समझौते पर क्या रुख है?
विदेश मंत्री Araghchi ने चीन को अमेरिका के साथ चल रही बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए तैयार है लेकिन वह डिप्लोमेसी और बातचीत के रास्ते को प्राथमिकता दे रहा है। ईरान ने कहा कि वह वाशिंगटन के साथ केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य तरीकों से राजनीतिक संकट हल नहीं किए जा सकते। ईरान ने शांति प्रयासों में चीन की भूमिका की तारीफ की और ‘वन चाइना’ सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
आगे क्या होने वाला है?
यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump 14 और 15 मई को बीजिंग जाने वाले हैं। वहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से होगी। इस मीटिंग के बाद दुनिया की नजरें अब अमेरिका और चीन की बातचीत पर टिकी हैं कि क्या इससे मिडिल ईस्ट में शांति आएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या कहा?
चीन ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार का समर्थन किया और यह माना कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?
ईरान ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है लेकिन वह केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा।