ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य मकसद वेस्ट एशिया में शांति लाना और आपसी रिश्तों को मजबूत करना था। चीन ने इस मौके पर अमेरिका और इसराइल की मिलिट्री कार्रवाइयों को गलत बताया है।
ईरान और चीन की मुलाकात में किन बातों पर चर्चा हुई?
- शांति समझौता: अराघची ने साफ किया कि ईरान सिर्फ एक निष्पक्ष और पूरे समझौते को ही स्वीकार करेगा।
- हमलों का विरोध: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका और इसराइल के सैन्य हमलों को अवैध बताया।
- समुद्री सुरक्षा: बैठक में हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय युद्धविराम पर विस्तार से बात हुई।
- कानूनी मुद्दा: ईरान ने 28 फरवरी को हुए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया और अपने अधिकारों की रक्षा की बात कही।
अमेरिका, रूस और अन्य देशों का इस मामले में क्या रोल है?
ईरान के मंत्री अराघची ने बीजिंग आने से पहले पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा की थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में उनकी मुलाकात के दौरान शांति लाने के लिए हर संभव मदद का वादा किया था।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को चीन जाएंगे। वहां वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ईरान के हालातों पर चर्चा करेंगे। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चीन से अपील की है कि वह ईरान पर दबाव बनाए ताकि समुद्री रास्तों पर सुरक्षा बनी रहे और दुनिया में ईरान का अलग-थलग होना कम हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के विदेश मंत्री ने अपनी डिप्लोमैटिक यात्रा में किन देशों का दौरा किया
अराघची ने चीन पहुंचने से पहले पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा की ताकि क्षेत्रीय समर्थन जुटाया जा सके।
अमेरिका और चीन के बीच ईरान मुद्दे पर बातचीत कब होगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14-15 मई को चीन दौरे पर रहेंगे, जहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ईरान संघर्ष पर चर्चा होने की संभावना है।