ईरान और चीन के बीच दोस्ती अब और गहरी होने वाली है। चीन में ईरान के राजदूत ने साफ़ कहा है कि युद्ध खत्म होने के बाद दोनों देशों के संबंध पहले से ज़्यादा मज़बूत और व्यापक होंगे। चीन ने मुश्किल समय में ईरान का साथ दिया है, जिसके लिए तेहरान ने उसका शुक्रिया जताया है।

ईरान के विदेश मंत्री का बीजिंग दौरा और अमेरिका का कनेक्शन

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 6 मई 2026 को बीजिंग का दौरा किया। उन्होंने वहां चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से मुलाकात की। यह दौरा बहुत खास था क्योंकि इसके ठीक एक हफ्ते बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का चीन जाने का प्रोग्राम था। ईरान ने यह कदम अमेरिका और चीन की बातचीत पर अपना असर डालने के लिए उठाया था। विदेश मंत्री Araghchi ने चीन को तेहरान का सच्चा दोस्त और एक बड़ा रणनीतिक साझेदार बताया है।

चीन और ईरान किन चीज़ों पर करेंगे मिलकर काम

दोनों देशों ने कई ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा की है ताकि भविष्य में साथ मिलकर आगे बढ़ सकें। इसमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:

  • आर्थिक और व्यापार: व्यापार को बढ़ाने और आपसी आर्थिक रिश्तों को सुधारने पर बात हुई।
  • टेक्नोलॉजी और ऊर्जा: नई तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
  • बुनियादी ढांचा: युद्ध के बाद ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर के पुनर्निर्माण में चीन हिस्सा लेगा।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा: चीन ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए एक नए सुरक्षा ढांचे का प्रस्ताव दिया है, जिसे ईरान ने पसंद किया है।

अमेरिका के दबाव के बीच चीन का स्टैंड

ईरान के राजदूत Abdolreza Rahmani Fazli ने भरोसा जताया है कि अमेरिका के दबाव के बावजूद चीन अपनी नीति नहीं बदलेगा। चीन ने साफ़ तौर पर कहा है कि वह ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का समर्थन करता है। चीन ने इस युद्ध को गैरकानूनी बताया है और बल प्रयोग का विरोध किया है। चीन का मानना है कि ईरान और चीन क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति पर एक जैसी सोच रखते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के विदेश मंत्री ने बीजिंग का दौरा कब किया?

Abbas Araghchi ने 6 मई 2026 को बीजिंग का दौरा किया और चीनी विदेश मंत्री Wang Yi से मुलाकात की।

युद्ध के बाद चीन ईरान की कैसे मदद करेगा?

चीन युद्ध के बाद ईरान के बुनियादी ढांचे (infrastructure) के पुनर्निर्माण, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग करेगा।