ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। अब चीन और ईरान के दोस्त देशों से आने वाले जहाजों को यहाँ विशेष सुविधा और सर्विस फीस में राहत दी जाएगी। यह पूरा फैसला ओमान के साथ तालमेल बिठाकर लागू किया जाएगा ताकि मित्र देशों के लिए व्यापार और जहाजों की आवाजाही आसान हो सके।

चीन में ईरान के राजदूत Abdolreza Rahmani Fazli ने 4 जुलाई 2026 को बीजिंग में आयोजित World Peace Forum के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चीन और अन्य मित्र देशों के जहाजों के लिए सर्विस फीस में विशेष रियायतें दी जाएंगी। राजदूत ने यह भी साफ किया कि ये नए नियम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन नहीं करेंगे।

ओमान के साथ मिलकर होगी ट्रैफिक की निगरानी

इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए ईरान और ओमान मिलकर काम करेंगे। इससे पहले 3 जुलाई 2026 को ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने ऐलान किया था कि ओमान के साथ मिलकर Strait of Hormuz में ट्रैफिक के मैनेजमेंट और नियमों को तय करने पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने 23 जून 2026 को एक साझा बयान जारी कर सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने और एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया था।

सुरक्षा और नए अथॉरिटी का गठन

राजदूत Fazli ने Strait of Hormuz को ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा है। दरअसल, फरवरी के अंत में अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया था, जिसे जून में एक अंतरिम शांति समझौते के बाद फिर से खोला गया। अब इस पूरे क्षेत्र के प्रबंधन के लिए ईरान ने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) का गठन किया है।

दुनिया के देशों का क्या है रुख

  • चीन: ईरान से भारी मात्रा में तेल खरीदने वाला चीन चाहता है कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के चलती रहे।
  • यूरोप: कुछ यूरोपीय देशों ने सर्विस फीस देने की बात स्वीकार की है, लेकिन उनका कहना है कि यह नियम बिना किसी भेदभाव के लागू होना चाहिए।
  • अमेरिका और अरब देश: अमेरिका और खाड़ी के अरब देश किसी भी तरह के ट्रांजिट चार्ज या फीस लगाने का विरोध कर रहे हैं।