ईरान के कई शहरों की मस्जिदों में पुरुषों और महिलाओं को हल्के हथियारों की ट्रेनिंग दी गई. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इन सत्रों का वीडियो दिखाया और बताया कि यह देश की रक्षा के लिए जनता की तैयारी का हिस्सा है. इन ट्रेनिंग प्रोग्राम में परिवार और किशोर भी शामिल हुए जिन्हें हथियारों को चलाने और उन्हें खोलने-जोड़ने की जानकारी दी गई.

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ईरान की मस्जिदों में ट्रेनिंग के मुख्य बिंदु क्या हैं?

  • यह ट्रेनिंग Ahvaz, Kerman, Bijar, Shiraz और Zahedan जैसे शहरों की मस्जिदों में आयोजित की गई.
  • वॉलंटियर्स को हल्के हथियारों के ऑपरेशन, असेंबली और उन्हें अलग करने का तरीका सिखाया गया.
  • यह ट्रेनिंग Basij Resistance Force के नियमों के तहत हुई, जो Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के अधीन एक अर्धसैनिक संगठन है.
  • ईरान के संविधान का आर्टिकल 151 सरकार को सभी नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण देने का अधिकार देता है ताकि वे देश की रक्षा कर सकें.

सरकार और अधिकारियों ने इस तैयारी पर क्या कहा?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अप्रैल 2026 में X पर पोस्ट किया था कि 14 मिलियन से ज्यादा ईरानी देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हैं. संसद स्पीकर Baqer Ghalibaf ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. सरकारी प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने भी सशस्त्र बलों की तैयारी और जनता के समर्थन की बात कही. वहीं, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Brigadier General Reza Talaei-Nik ने बताया कि सेना आधुनिक हथियार प्रणालियों और मिसाइलों के इस्तेमाल को बढ़ाने की योजना बना रही है.

इस ट्रेनिंग पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या रही?

इसराइल की खुफिया एजेंसी Mossad ने मार्च 2026 में ही दावा किया था कि ईरान अपनी मस्जिदों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों, हथियार डिपो और कमांड हेडक्वार्टर के रूप में कर रहा है. Mossad ने अपने फारसी X अकाउंट के जरिए इसे पवित्र स्थानों का अपमान बताया. वहीं, Al Jazeera English और The Economic Times जैसे न्यूज़ आउटलेट्स ने 17 मई 2026 को इन ट्रेनिंग सत्रों के सरकारी प्रसारण की पुष्टि की.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में आम लोगों को हथियारों की ट्रेनिंग क्यों दी जा रही है?

ईरानी सरकार के अनुसार यह ‘पब्लिक रेडीनेस’ का हिस्सा है ताकि नागरिक देश की रक्षा कर सकें. यह कदम ईरान के संविधान के आर्टिकल 151 के तहत उठाया गया है.

यह ट्रेनिंग किन शहरों में आयोजित की गई?

यह ट्रेनिंग अहवाज़ (Ahvaz), केरमान (Kerman), बिजार (Bijar), शिराज़ (Shiraz) और ज़ाहेदान (Zahedan) जैसे शहरों की मस्जिदों में दी गई.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.