ईरान के Islamic Revolution Guards Corps (IRGC) ने शुक्रवार, 26 जुलाई 2026 को एक बड़ा दावा किया है। उनके प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने बताया कि 8 जुलाई से 22 जुलाई के बीच किए गए हमलों में अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचा है। इस दावे के अनुसार, 200 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की जान गई है और अमेरिका का कीमती सैन्य साजो-सामान तबाह हो गया है।
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हमले में क्या-क्या हुआ नुकसान
ईरान के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। नीचे दी गई सूची में उन प्रमुख संपत्तियों का विवरण है जिन्हें लेकर IRGC ने नुकसान का दावा किया है:
- 11 फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर
- 17 टोही और ऑपरेशनल ड्रोन
- 7 कमांड और कंट्रोल सेंटर
- 6 पैट्रियट एयर-डिफेंस रडार और अन्य रडार सिस्टम
- 6 फाइटर और हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस सेंटर
- 12 फ्यूल टैंक और 17 गोदाम (वेयरहाउस)
- 6 MQ-9 ड्रोन हैंगर और 1 F-15 फाइटर जेट हैंगर
- 1 विमानवाहक पोत के लिए रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म और एक डेटा-प्रोसेसिंग हब
ईरान की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रजा अकरमिनिया ने भी अलग से दावा किया कि इराक के Erbil में स्थित अमेरिकी बुनियादी ढांचा लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुका है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इन दावों की अब तक कोई पुष्टि नहीं की है।
तनाव के बीच कूटनीतिक कोशिशें
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 जुलाई को अमेरिकी सेना को नए हमलों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, जिससे 13 दिनों से चल रहे हवाई हमलों का सिलसिला फिलहाल रुक गया है। ओमान और कतर तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना का नौसैनिक नाकेबंदी अभियान जारी है, जिसके तहत हाल ही में एक जहाज को रोका गया था।
