ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने Strait of Hormuz में एक अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल से हमला किया। वहीं अमेरिका ने इन तमाम दावों को पूरी तरह गलत बताया है और क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
ईरान और अमेरिका के बीच मिसाइल हमले को लेकर क्या है विवाद?
ईरान की सरकारी एजेंसी Fars News ने खबर दी कि उनकी सेना ने एक अमेरिकी फ्रिगेट जहाज पर दो मिसाइलें दागीं। ईरान का कहना है कि यह जहाज Jask island के पास चेतावनी को नजरअंदाज कर रहा था, जिसके बाद उसे पीछे हटना पड़ा। दूसरी तरफ अमेरिका ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। US Central Command (CENTCOM) ने साफ कहा कि अमेरिकी नौसेना का कोई भी जहाज हिट नहीं हुआ है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी Axios के जरिए यह जानकारी दी कि ईरान के दावे झूठे हैं।
क्या है अमेरिका का ‘Project Freedom’ और ईरान की प्रतिक्रिया?
तनाव के बीच अमेरिका ने 4 मई 2026 को ‘Project Freedom’ नाम का एक अभियान शुरू किया। इस मिशन के जरिए अमेरिका التجارية जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित रास्ता दिखाएगा ताकि ईरान के ब्लॉकेड को खत्म किया जा सके। राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे एक मानवीय कदम बताया है ताकि उन जहाजों की मदद हो सके जिनके पास खाने-पीने की कमी हो रही है।
- इस मिशन में गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और 100 से ज्यादा हवाई जहाजों का इस्तेमाल होगा।
- इसमें मानवरहित सिस्टम और लगभग 15,000 सैन्यकर्मी शामिल हैं।
- ईरान ने इस ऑपरेशन को युद्धविराम का उल्लंघन माना है।
- ईरान के मेजर जनरल Ali Abdollahi ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में आने वाली किसी भी विदेशी सेना पर हमला किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिकी युद्धपोत पर वाकई मिसाइल हमला हुआ था?
ईरान ने दावा किया कि उसने दो मिसाइलें दागीं, लेकिन US Central Command और अमेरिकी अधिकारियों ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि कोई भी जहाज हिट नहीं हुआ है।
अमेरिका का ‘Project Freedom’ क्या है?
यह एक सैन्य अभियान है जिसका मकसद Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों को रास्ता दिखाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें 15,000 सैनिकों और 100 से ज्यादा विमानों को लगाया गया है।