ईरान के सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. Velayati ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी में अरब देशों की स्थिरता ईरान द्वारा Hormuz Strait के प्रबंधन की वजह से है। उनका मानना है कि पश्चिमी देशों ने इस क्षेत्र में केवल लूटपाट और हिंसा फैलाई है।

डॉ. Velayati ने 19 अप्रैल 2026 को स्पष्ट किया कि अब समुद्र पार से सुरक्षा थोपने का दौर खत्म हो चुका है। ईरान के एक अन्य अधिकारी ने भी IRNA के जरिए बताया कि Hormuz Strait को अब एक नए सिस्टम के जरिए चलाया जा रहा है। हालांकि इस नए सिस्टम की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान ने मार्च 2026 की शुरुआत में इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया था। Velayati ने सोशल मीडिया पर लिखा कि Hormuz Strait की चाबी ईरान के मजबूत हाथों में है और देश की सुरक्षा उनकी कूटनीति का मुख्य हिस्सा है।

27 मई 2026 को उन्होंने कहा कि किसी लिखित समझौते से ज्यादा जरूरी इस जलमार्ग पर भौतिक नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि भूगोल कभी झूठ नहीं बोलता और यही किसी भी संधि का असली फैसला करता है। 30 अप्रैल 2026 को उन्होंने किसी भी बाहरी देश की भूमिका को खारिज करते हुए कहा कि इसकी सुरक्षा केवल क्षेत्रीय लोगों के हाथ में होनी चाहिए।

8 जून 2026 को ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा, तो Hormuz Strait और Bab el-Mandeb जलमार्ग को बंद किया जा सकता है। फिलहाल ईरान और Oman नए नियमों को लेकर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने इन नियमों को मानने से इनकार कर दिया है और सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।

24 जून 2026 को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि जब तक अमेरिका का हस्तक्षेप और सैन्य दखल जारी रहेगा, तब तक क्षेत्र में शांति संभव नहीं है।