ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz पर अपना पूरा नियंत्रण करने का ऐलान किया है। ईरान के बड़े नेताओं ने साफ कहा है कि यह उनका प्राकृतिक अधिकार है और अब यह रास्ता पहले की तरह खुला नहीं रहेगा। इस खबर से खाड़ी देशों और पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है क्योंकि यहाँ से तेल और मालवाहक जहाजों की भारी आवाजाही होती है।

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ईरान के बड़े नेताओं ने क्या कहा?

  • अली निकज़ाद (Deputy Parliament Speaker): उन्होंने कहा कि ईरान का इस जलमार्ग को नियंत्रित करना उसका प्राकृतिक अधिकार है और अब हालात पहले जैसे नहीं होंगे।
  • मोर्तज़ा खमनेई (Supreme Leader): उन्होंने कहा कि खाड़ी का भविष्य अमेरिका की मौजूदगी के बिना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकियों के लिए इस खाड़ी में केवल पानी की गहराई में जगह है।
  • मोहम्मद बागर गालिबाफ (Parliament Speaker): उन्होंने साफ किया कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर तेहरान का सख्त नियंत्रण होगा और केवल उन्हीं रास्तों से जाने दिया जाएगा जिन्हें ईरान तय करेगा।

अंतरराष्ट्रीय कानून और UAE का रुख क्या है?

अंतरराष्ट्रीय कानून यानी UNCLOS के मुताबिक Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जहाँ सभी जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने का हक है। लेकिन ईरान का कहना है कि उसने इस नियम को पूरी तरह नहीं माना है। ईरान का दावा है कि वह केवल उन्हीं जहाजों को आने देगा जिन्हें वह सही समझेगा और अमेरिका या इसराइल से जुड़े जहाजों को रोक सकता है। दूसरी तरफ UAE के सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि ईरान के एकतरफा फैसलों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और जहाजों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून ही सबसे बड़ा सहारा हैं।

अमेरिका के साथ बातचीत और ताज़ा खतरा

पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान ने बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है लेकिन अमेरिका की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें परमाणु गतिविधियों को 20 साल तक रोकने की बात कही गई थी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अप्रैल से शुरू हुए युद्धविराम के कारण लड़ाई खत्म हो गई है, जबकि अमेरिकी नौसेना ने अभी भी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है। इसी बीच ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर से हमला किया तो उसे बहुत दर्दनाक और लंबे हमलों का सामना करना पड़ेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz पर ईरान के कब्जे का क्या असर होगा?

यह रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। अगर ईरान यहाँ जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करता है तो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है और वैश्विक व्यापार प्रभावित होगा।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है?

हाँ, पाकिस्तान के जरिए बातचीत की कोशिश हो रही है। हालांकि ईरान ने परमाणु हथियारों और यूरेनियम को लेकर अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.