मध्य पूर्व में हालात काफी खराब हो गए हैं और ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी सेना के मुताबिक उन्होंने कई उन्नत लड़ाकू विमानों, दर्जनों क्रूज मिसाइलों और 160 से अधिक ड्रोनों को मार गिराया है। इस खबर की पुष्टि अमेरिका ने भी की है और अपने दो सैन्य विमानों के नुकसान की बात स्वीकार ली है। फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद तनाव काफी बढ़ गया है।

ईरान की कार्रवाई में किन हथियारों का हुआ नुकसान?

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और वहां की वायु सेना ने अपनी सफलताओं की पूरी जानकारी साझा की है। ब्रिगेडियर जनरल अलीरेज़ा इल्हामी के अनुसार, उनकी नई रक्षा तकनीकों ने दुश्मन के विमानों को भ्रमित कर दिया और उन्हें मार गिराया। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका और इसराइल के कई आधुनिक हथियारों को निशाना बनाया है।

हथियार का नाम कितनी संख्या जगह
MQ-9 Reaper ड्रोन (US) 2 इस्फहान
Hermes ड्रोन (Israel) 1 बुशहर
F-15E फाइटर जेट (US) 1 मध्य ईरान
A-10 Warthog (US) 1 फारस की खाड़ी
ड्रोन और मिसाइलें 160 से अधिक विभिन्न क्षेत्र

इस घटना पर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का क्या कहना है?

  • अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर माना है कि उनके विमानों को ईरानी सेना ने निशाना बनाया है और यह 20 साल में पहली ऐसी घटना है।
  • अधिकारियों ने बताया कि F-15E जेट के एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया है जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है।
  • एक A-10 विमान के पायलट ने समुद्र में कूदकर अपनी जान बचाई जिसे सुरक्षित निकाल लिया गया है।
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर बयान देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर युद्ध है लेकिन इससे बातचीत के रास्ते बंद नहीं होंगे।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के दो हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आए हैं जिससे कुछ सैनिक घायल हुए हैं।
  • वहीं दूसरी तरफ इसराइल ने भी तेहरान में ईरान के मिसाइल ठिकानों और रिसर्च सेंटरों पर हवाई हमले जारी रखे हैं।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.