ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने रविवार 19 जुलाई 2026 को यह दावा किया कि उन्होंने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र अहवाज़ के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन को मार गिराया है। ईरान का कहना है कि उनके नए एयर डिफेंस सिस्टम ने इस ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
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तनावपूर्ण माहौल और सैन्य हमले
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़पें तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने हाल ही में पुष्टि की थी कि उन्होंने लगातार आठ रातों तक ईरान के सैन्य ठिकानों, लॉजिस्टिक्स और हथियारों के गोदामों पर हमले किए हैं। ये हमले जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई के तौर पर किए गए थे।
ईरान का जवाबी हमला और चेतावनी
ईरान ने दावा किया है कि उसने ऑपरेशन थंडरबोल्ट के तहत कुवैत में कैंप अदायरी और अली अल सलेम एयर बेस पर विस्फोटक ड्रोन से हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि पिछले आठ दिनों में उसने कुल चार अमेरिकी ड्रोन गिराए हैं और फरवरी 2026 से अब तक लगभग 30 ऐसे ड्रोन नष्ट किए जा चुके हैं। ईरान के हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में अब तक 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी आक्रामकता का जवाब बहुत सख्त और विनाशकारी होगा।
