खाड़ी क्षेत्र (Persian Gulf) में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने मंगलवार सुबह अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे शांति प्रयासों को बड़ा झटका लगा है और तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान के दावे और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई क्या है?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, IRGC के वायु सेना विंग ने आधुनिक हवाई सुरक्षा प्रणाली की मदद से अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि उसके बलों ने एक अन्य अमेरिकी RQ-4 ड्रोन और F-35 फाइटर जेट पर भी गोलीबारी की, जिसके बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों पर हमले किए थे, जिसे उन्होंने आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया था।
दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर क्या असर होगा?
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच कतर में शांति समझौता वार्ता चल रही है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बकिर कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी इस समय बातचीत के लिए कतर में मौजूद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि शांति वार्ता जारी है, लेकिन इस नए सैन्य तनाव ने समझौते की उम्मीदों पर अनिश्चितता पैदा कर दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर संघर्ष विराम का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका ने ड्रोन गिराए जाने की पुष्टि की है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को दक्षिणी ईरान में हमलों की बात स्वीकार की है, लेकिन ड्रोन गिराए जाने के ईरानी दावों की अभी तक अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कब लागू हुआ था?
दोनों देशों के बीच 40 दिनों के संघर्ष के बाद 8 अप्रैल 2026 को एक संघर्ष विराम लागू हुआ था, जो इस नई घटना के बाद खतरे में नजर आ रहा है।