ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका का एक MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया है। यह घटना बुशहर प्रांत के जाम शहर के पास हुई है, जिससे पूरे इलाके में सैन्य हलचल बढ़ गई है।
ℹ: Kuwait पर मिसाइल और ड्रोन अटैक, एयर डिफेंस ने हवा में ही किए ढेर, जगह-जगह सुनाई दी धमाकों की आवाज।
IRGC के मुताबिक, यह ड्रोन उत्तरी फारस की खाड़ी की तरफ से आ रहा था। जब इसने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास चल रहे ऑपरेशन्स में दखल देने की कोशिश की, तो उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने इसे निशाना बनाया। स्थानीय खबरों के अनुसार, यह ड्रोन समुद्र में गिरा और वहां मौजूद मछुआरों ने इसके मलबे को बरामद किया है, हालांकि अभी तस्वीरों की पुष्टि नहीं हुई है।
ड्रोन हमलों का विवरण
शुरुआती खबरों में कहा गया था कि इसफहान और बुशहर में कई ड्रोन गिराए गए हैं, लेकिन बाद में इसकी जानकारी साफ की गई। आधिकारिक तौर पर बताया गया कि बुशहर में MQ-9 ड्रोन गिराया गया, जबकि इसफहान में MQ-1 ड्रोन को निशाना बनाया गया था। यह पूरा मामला अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने और ईरानी संपत्तियों पर अमेरिकी हमले के बाद सामने आया है। IRGC ने साफ कहा है कि उनकी एयर डिफेंस यूनिट्स हाई अलर्ट पर हैं और वे किसी भी खतरे का कड़ा जवाब देंगे।
पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घैत ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने सख्त चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे के लिए बड़ा खतरा हैं। कुवैत ने यह भी कहा कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए UN चार्टर के तहत जरूरी कदम उठाने का हक रखता है।
