10 जून 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने साफ किया है कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान में हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं।
ईरान ने बहरीन में हमले के पीछे क्या कारण बताया?
ईरानी सेना IRGC का कहना है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के जास्क, सिरिक और केश्म इलाकों में बिना किसी वजह के हवाई हमले किए थे। इन हमलों में सिरिक में एक टेलीकम्युनिकेशन टावर और दो पानी की टंकियों को नुकसान पहुंचा था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी सेना देश पर होने वाले किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसे बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
इस कथित हमले पर अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया आई है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इससे पहले पुष्टि की थी कि उसने ईरान में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई पूरी कर ली है। हालांकि, बहरीन में हुए इस ताजा ड्रोन हमले के दावे पर अमेरिकी रक्षा विभाग या CENTCOM की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या इनकार सामने नहीं आया है। इससे पहले जून की शुरुआत में हुए हमलों के दावों को अमेरिकी सेना ने खारिज कर दिया था और कहा था कि उनके सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने बहरीन में अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमला क्यों किया?
ईरानी सेना IRGC का दावा है कि यह हमला अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान के इलाकों में की गई बमबारी का बदला लेने के लिए किया गया है।
क्या अमेरिका ने बहरीन में अपने सैन्य अड्डे पर हमले की पुष्टि की है?
10 जून 2026 को हुए इस कथित हमले पर अमेरिकी सेना या CENTCOM की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है।
