ईरान का दावा, अमेरिका का F-35 जेट किया निशाना, 180 ड्रोन गिराकर वॉशिंगटन को झुकने पर किया मजबूर

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने दावा किया है कि उनकी सेना ने अमेरिका के 180 ड्रोन मार गिराए और एक F-35 स्टील्थ जेट को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि इस हमले की वजह से अमेरिकी जेट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जिससे अमेरिका अब युद्धविराम की बात करने पर मजबूर हुआ है।

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ईरान ने अमेरिका के खिलाफ क्या दावा किया है?

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने 19 अप्रैल 2026 को अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि F-35 जेट को मार गिराना कोई इत्तेफाक नहीं था, बल्कि यह ईरान की तकनीकी ताकत का नतीजा है। गालिबाफ ने इसे अपनी सेना की एक बड़ी जीत बताया। उनका कहना है कि इस घटना ने अमेरिकी सेना के अजेय होने के भ्रम को तोड़ दिया है। ईरान का यह भी दावा है कि इसी दबाव की वजह से अमेरिका अब बातचीत के जरिए मामला सुलझाना चाहता है।

अमेरिका और CENTCOM का इस पर क्या कहना है?

अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कैप्टन टिम हॉकिन्स ने माना है कि एक F-35 विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि यह विमान ईरान के ऊपर मिशन पर था और सुरक्षित रूप से एक एयरबेस पर उतरा। पायलट की हालत स्थिर बताई गई है। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया कि 3 अप्रैल को एक और F-35 जेट को मार गिराया गया था। पेंटागन के प्रवक्ता किंग्सले विल्सन ने कहा कि आसमान पर अब भी अमेरिका का ही नियंत्रण है।

घटनाक्रम की मुख्य बातें और तारीखें

इस पूरे मामले में कई अहम दावे और घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है।

तारीख घटना/दावा स्थिति
19 मार्च 2026 F-35 जेट की इमरजेंसी लैंडिंग CENTCOM ने पुष्टि की
3 अप्रैल 2026 दूसरे F-35 जेट को गिराने का दावा अमेरिका ने इनकार किया
19 अप्रैल 2026 180 ड्रोन गिराने और जीत का दावा ईरान के संसद स्पीकर ने कहा
वर्तमान स्थिति indirect डिप्लोमैटिक बातचीत कुछ प्रगति लेकिन मतभेद जारी

क्या इससे युद्ध रुक जाएगा?

ईरान का मानना है कि मैदान में उनकी जीत ने अमेरिका को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर किया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच परोक्ष रूप से बातचीत चल रही है। गालिबाफ ने कहा कि हालांकि कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी दोनों देशों के बीच कई बड़े मतभेद हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और एजेंसी ANI ने इस खबर को अल जजीरा और ईरान की मिजान न्यूज एजेंसी के हवाले से रिपोर्ट किया है।