ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान F-35 को मध्य ईरान के ऊपर निशाना बनाया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने इस घटना को दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने विमान के सुरक्षित होने की बात कही है।

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ईरान की तरफ से क्या आधिकारिक जानकारी दी गई है?

  • ईरान की IRGC के अनुसार, 19 मार्च 2026 को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 2:50 बजे अमेरिकी F-35 को निशाना बनाया गया।
  • ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला उनके आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा किया गया है।
  • संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि इस विमान का टकराना एक पुरानी व्यवस्था के ढहने का पल है।
  • ईरान का दावा है कि विमान के गिरने की बहुत अधिक संभावना है, हालांकि अभी पायलट के बारे में जानकारी नहीं मिली है।
  • इससे पहले ईरान 125 से ज्यादा अमेरिकी और इजरायली ड्रोन गिराने का दावा कर चुका है।

अमेरिका ने इस घटना पर क्या जवाब दिया है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कैप्टन टिम हॉकिन्स ने ईरान के दावों के बीच स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि F-35 विमान एक कॉम्बैट मिशन पर था। अमेरिका के अनुसार, विमान को सुरक्षित तरीके से मिडिल ईस्ट के एक बेस पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। पायलट पूरी तरह सुरक्षित है और इस समय जांच चल रही है कि विमान में क्या समस्या आई थी।

विवरण जानकारी
विमान का मॉडल F-35 Fighter Jet
अनुमानित कीमत 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा
घटना का समय 19 मार्च 2026, सुबह 2:50 बजे
अमेरिकी बेस मिडिल ईस्ट (नाम गुप्त)