ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दुनिया को साफ कर दिया है कि परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण इस्तेमाल करना उनका हक है। ईरान का कहना है कि इस अधिकार को किसी भी दबाव या युद्ध के जरिए उनसे नहीं छीना जा सकता। इस बयान के बाद अमेरिका और IAEA जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच हलचल बढ़ गई है।

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ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 15 अप्रैल 2026 को कहा कि यूरेनियम को समृद्ध करने का उनका अधिकार अटल है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यूरेनियम के स्तर पर बातचीत की जा सकती है। वियना में ईरान के मिशन ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है। उन्होंने इसे एक बड़ा झूठ बताया और कहा कि IAEA ने भी उनके कार्यक्रम में किसी हथियार का सबूत नहीं पाया है।

IAEA और रूस का इस मामले में क्या स्टैंड है?

IAEA के चीफ Rafael Grossi ने बताया कि ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है। यह मात्रा परमाणु हथियार बनाने के स्तर के काफी करीब है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते में सख्त जांच की जरूरत होगी। दूसरी तरफ, रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने ईरान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नागरिक उद्देश्यों के लिए यूरेनियम समृद्ध करना ईरान का अधिकार है और रूस इस सिद्धांत का समर्थन करता है।

अमेरिका की सख्ती और मौजूदा हालात

ट्रम्प प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 14 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी पूरी कर ली है ताकि तेहरान पर दबाव बनाया जा सके। पाकिस्तान ने शुरुआती बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी, लेकिन परमाणु मुद्दों की वजह से बात नहीं बन पाई। अब उम्मीद है कि अगले दो दिनों में बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सकता है।

संबंधित पक्ष मुख्य स्थिति/दावा
ईरान परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण इस्तेमाल उनका अधिकार है।
अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना मुख्य लक्ष्य है।
IAEA ईरान के पास 440.9 किलो 60% शुद्ध यूरेनियम मौजूद है।
रूस नागरिक उपयोग के लिए यूरेनियम समृद्ध करने के अधिकार का समर्थन।
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका।
UN सुरक्षा परिषद ईरान के परमाणु हथियार न बनाने के रुख का स्वागत किया।
CENTCOM ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू कर दी है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com