ईरान के एक बड़े अखबार के मालिक ने एक बार फिर यह दावा किया है कि Bahrain असल में ईरान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि Bahrain को ईरान से अलग करना एक बड़ी साजिश थी जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और पुराने शाह शामिल थे। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में अहम बातचीत चल रही है।

👉: Oman New Rule: ओमान में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए नया कानून, चैरिटी के लिए अब लेनी होगी सरकार से मंजूरी

ईरान के कट्टरपंथी अखबार Kayhan के मैनेजिंग डायरेक्टर Hossein Shariatmadari ने यह बात कही। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को एक लेख में लिखा कि Bahrain ईरान का है और वहां के लोग भी अपने असली घर वापस आना चाहते हैं। इसके बाद 14 मई 2026 को उन्होंने फिर से मांग की कि Bahrain को तुरंत ईरान में वापस लाया जाए और इसके लिए कानूनी तरीका निकाला जाए।

इस दावे पर Bahrain ने सख्त रुख अपनाया है। Bahrain के स्थायी मिशन ने 30 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने ईरान के इन दावों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया। Bahrain ने UN में शिकायत भी दर्ज कराई है कि ईरान उसके अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है।

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी ईरान के इन बयानों की निंदा की है। GCC ने इसे बिना किसी आधार की बात बताया और कहा कि ऐसी बातें केवल विवाद पैदा करने के लिए कही जा रही हैं। Bahrain साल 1971 से एक स्वतंत्र और संप्रभु देश के रूप में दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है।

दूसरी तरफ, 21 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता के लिए मिले। इस बैठक में लेबनान में युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य, प्रतिबंधों और परमाणु मुद्दों पर चर्चा होनी थी। Shariatmadari का कहना था कि जब तक लेबनान में युद्ध नहीं रुकता और इजराइल की सैन्य कार्रवाई खत्म नहीं होती, तब तक ईरान को अमेरिका के सामने कोई झुकने वाली बात नहीं करनी चाहिए।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि ईरान ने ऐसे दावे किए हों। इससे पहले दिसंबर 2025, फरवरी 2018 और जुलाई 2007 में भी इसी तरह की बातें कही गई थीं। हालांकि, अतीत में ईरान के विदेश मंत्रियों ने Bahrain को भरोसा दिलाया था कि किसी अखबार या व्यक्ति के बयान ईरान की आधिकारिक नीति नहीं होते और ईरान Bahrain की आजादी का सम्मान करता है।