17 जुलाई 2026 को ईरान के Islamic Revolution Guards Corps (IRGC) ने सीरिया के Al-Tanf इलाके में हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंटर को निशाना बनाया है। IRGC के अनुसार, यह कार्रवाई 15 जुलाई 2026 को ईरानशहर (Bampur) में हुई घटना के जवाब में की गई, जिसमें उनके सात सैनिकों की मौत हो गई थी।
ℹ: Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन से बिजली विभाग की बिल्डिंग को बनाया निशाना.।
हमले के दावे और हकीकत
ईरान ने दावा किया कि उनके हमले में रडार सिस्टम और कई हेलीकॉप्टर नष्ट हुए हैं और कई अमेरिकी सैनिक हताहत या कैद हुए हैं। हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके किसी भी सैनिक की मौत नहीं हुई है और उन्होंने पहले ही फरवरी 2026 में Al-Tanf बेस से अपनी पूरी वापसी कर ली थी। सीरियाई सैन्य सूत्रों ने भी बेस पर हमले की पुष्टि नहीं की है, उनका मानना है कि धमाके बेस के आसपास हुए होंगे।
गल्फ देशों पर तनाव का साया
इस हमले के साथ ही IRGC ने कुवैत, कतर, बहरीन, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों में भी अमेरिकी सैन्य साइटों को ड्रोन और मिसाइल से निशाना बनाने का ऐलान किया है। कई देशों ने अपनी तरफ से इन प्रोजेक्टाइल्स को रोकने की बात कही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी कार्रवाई जारी रही, तो वे Strait of Hormuz से तेल और गैस की सप्लाई रोक सकते हैं। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
