Iran News: ईरान की सेना का दावा, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर किया हमला, अमेरिका ने साधी चुप्पी.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने हाल ही में एक बड़ा दावा किया है जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। ईरानी सेना के प्रमुख का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना के विमान वाहक पोत USS Abraham Lincoln को अपने प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइलों या ड्रोनों से निशाना बनाया है। इस दावे के मुताबिक, इस कथित हमले की वजह से पोत पर मौजूद फाइटर जेट्स को कुछ समय के लिए जमीन पर ही रोकना पड़ा था। हालांकि, इस पूरे मामले पर अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और उन्होंने इस पर पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है।
पुराने दावों का इतिहास और अमेरिकी इनकार
ईरान की तरफ से अमेरिकी सैन्य जहाजों और विशेषकर USS Abraham Lincoln को लेकर पहले भी ऐसे कई दावे किए जा चुके हैं, जिनकी पुष्टि कभी नहीं हो पाई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पिछले ऐसे सभी दावों को सीधे तौर पर खारिज किया है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के दावे अक्सर दोनों देशों के बीच तनाव को और ज्यादा बढ़ाने का काम करते हैं। अमेरिकी नौसेना की तरफ से 16 अगस्त 2026 को हुए इस कथित हमले को लेकर अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और अधिक स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
ऑपरेशनल दबाव और बहरीन बेस पर हमला
भले ही अमेरिकी सेना ने हमले की बात को नहीं माना है, लेकिन यह साफ है कि USS Abraham Lincoln इस समय काफी कठिन दौर से गुजर रहा है। यह विमान वाहक पोत अपने 240 दिनों से ज्यादा के लंबे और रिकॉर्ड-तोड़ डिप्लॉयमेंट यानी तैनाती को पूरा कर चुका है। इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने की वजह से इस पोत को कई तरह की लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसमें खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी सामान की कमी भी शामिल है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह स्थिति तब पैदा हुई जब बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के बेस पर ईरान समर्थित या ईरानी हमले हुए थे, जिससे सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा था।
जल्द होगी नई शिप से राहत
अमेरिकी नौसेना के शीर्ष अधिकारी और CENTCOM कमांडर एडमायरल Brad Cooper ने हाल ही में इस बात को स्वीकार किया है कि इस पोत और इसके क्रू के लिए यह तैनाती बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण रही है। लगातार इतने दिनों तक बिना रुके काम करने की वजह से नाविकों और अधिकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब अमेरिकी नौसेना इस पोत को हटाने की तैयारी कर रही है और जल्द ही इसकी जगह USS George Washington को तैनात किया जाएगा, जो इस पोत का कार्यभार संभालेगा। इस बदलाव से वर्तमान क्रू को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।