ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य तनाव अब और गंभीर रूप ले चुका है। सऊदी अरब के मीडिया आउटलेट SaudiNews50 के अनुसार, ईरान ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि अमेरिकी हमलों की वजह से उसके सिरिक क्षेत्र में मौजूद संचार टावर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्यों भड़का यह नया विवाद?

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि यह सैन्य कार्रवाई अकारण नहीं थी। अमेरिका के अनुसार, ईरान द्वारा उनके एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद यह जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। इस हमले के दौरान अमेरिकी मिसाइलों ने दक्षिणी ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं।

  • सिरिक (Sirik): यहां ईरान के मुख्य संचार टावरों और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया गया।
  • क़ेश्म (Qeshm) और मीनाब (Minab): इन क्षेत्रों में भारी धमाकों की आवाजें सुनी गईं और सैन्य ठिकानों को क्षति पहुंची।
  • जास्क और बंदर अब्बास: इन तटीय इलाकों में भी अमेरिकी हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

ईरान ने दी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की तीखी आलोचना की है। ईरानी सरकार ने इसे सीधे तौर पर संप्रभुता का उल्लंघन और युद्धविराम का अपमान करार दिया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इसके जवाब में क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागने की बात कही है। हालांकि, अमेरिका ने बहरीन में अपने सैन्य अड्डे को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचने की खबरों का खंडन किया है और दावा किया है कि ईरान की अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया गया था।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इस तनाव का असर

इस सैन्य टकराव का असर अब पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है। कुवैत और बहरीन की सेनाओं ने अपनी हवाई सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि हवाई यातायात और समुद्री मार्गों पर सुरक्षा पाबंदियां बढ़ाई जा सकती हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी हमलों में ईरान के कौन से क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है?

इस सैन्य कार्रवाई में मुख्य रूप से दक्षिणी ईरान के सिरिक, क़ेश्म, मीनाब, जास्क और बंदर अब्बास प्रभावित हुए हैं, जहां संचार टावरों को भारी नुकसान हुआ है।

अमेरिका ने ईरान पर यह हमला किस वजह से किया?

अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान द्वारा उनके एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के विरोध में आत्मरक्षा के तहत यह जवाबी कार्रवाई की गई है।