ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने रविवार, 27 जुलाई 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि क्षेत्रीय देशों को ईरान के साथ अपनी नीतियों पर फिर से विचार करना चाहिए। सरकारी IRNA समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान का आरोप है कि जॉर्डन इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि अमेरिका उसकी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए कर रहा है।
लगातार हो रहे हैं आरोप और प्रत्यारोप
ईरान के Islamic Revolution Guards Corps (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने कुवैत और जॉर्डन में अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया है। 23 जुलाई 2026 को IRGC ने कहा कि अमेरिका ने इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। इससे पहले, 20 जुलाई और 24 जुलाई 2026 को भी ईरान ने दावा किया था कि उन्होंने जॉर्डन के Al-Azraq बेस पर अमेरिकी सैन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है।
दूसरी ओर, जॉर्डन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जॉर्डन का कहना है कि उनकी जमीन का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए नहीं हो रहा है। जॉर्डन के अनुसार, अमेरिकी सेना वहां केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए है और वे जॉर्डन की संप्रभुता का पूरा सम्मान करते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने 19 जुलाई 2026 को ईरान के राजनयिक को तलब किया था और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
