पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं। ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार, 10 जून 2026 को दावा किया कि उसने अमेरिकी सेना के लगभग 21 हवाई और नौसैनिक अड्डों को निशाना बनाया है। इस हमले में F-35 फाइटर जेट के हैंगर और कमांड सेंटर को पूरी तरह नष्ट करने की बात कही गई है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों जैसे बहरीन और कुवैत में भी हड़कंप मच गया है और वहां एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है।

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर कैसे और कहाँ किया हमला?

ईरान की सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसियों के अनुसार, IRGC ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय पर तड़के करीब 2:30 बजे ड्रोन से हमला किया। ईरान का कहना है कि यह हमला दक्षिणी ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में था।

  • जॉर्डन का अल-अजराक बेस: ईरान ने यहाँ लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला कर F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर को नष्ट करने का दावा किया है।
  • कुवैत का अली अल सालेम बेस: इस सैन्य अड्डे पर भी ईरान द्वारा ड्रोन से हमला किया गया है, जिसके बाद कुवैत में अलर्ट जारी किया गया।
  • बहरीन का अमेरिकी नौसैनिक ठिकाना: यहाँ अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय को निशाना बनाकर ड्रोन दागे गए।

अमेरिका और अन्य देशों का इस पूरे मामले पर क्या है कहना?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस घटना पर बयान जारी किया है। अमेरिका का कहना है कि उसने पहले ईरान के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम पर ‘आत्मरक्षा’ में हमले किए थे, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। हालांकि, अमेरिका या जॉर्डन की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर ईरान के इस ताजा हमले में अपने बेस तबाह होने की पुष्टि नहीं की गई है। कुवैत और बहरीन में हमले के बाद हवाई हमले के अलर्ट जारी किए गए और वहां सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है।

खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?

इस भारी तनाव के कारण बहरीन, कुवैत और आसपास के खाड़ी देशों में हवाई हमले के अलर्ट जारी किए गए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था और हवाई यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण खबर है। कुवैत और बहरीन में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव होने से उड़ानों पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी हमले को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान ने सच में अमेरिकी F-35 फाइटर जेट्स को नष्ट कर दिया है?

ईरान की सेना IRGC ने जॉर्डन के अल-अजराक बेस पर मिसाइल दागकर F-35 हैंगर को तबाह करने का दावा किया है, लेकिन अमेरिका या जॉर्डन ने अभी तक इस नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बहरीन और कुवैत में हमले के बाद क्या हालात हैं?

बहरीन और कुवैत में ईरान के ड्रोन हमलों के बाद एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है और वहां हवाई हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।