ईरान के उप विदेश मंत्री ने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) की चीफ से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने अमेरिका और इसराइल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। ईरान का कहना है कि इन दोनों देशों ने मिलकर वहां के आम लोगों और उनकी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है।

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ईरान ने किन ठिकानों पर हमले का दावा किया?

ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बताया कि अमेरिका और “ज़ायोनिस्ट रिजीम” (Israel) ने 1,30,000 नागरिक ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में रिहायशी इलाके, अस्पताल और स्कूल शामिल थे। उन्होंने खास तौर पर Minab School पर हुए हमले का जिक्र किया और कहा कि यह जानबूझकर किया गया था। Gharibabadi ने इन हरकतों को मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इन अपराधों की निंदा करने में नाकाम रही हैं।

ICRC प्रेसिडेंट ने ईरान दौरे के दौरान क्या कहा?

ICRC की प्रेसिडेंट Mirjana Spoljaric Egger 28 अप्रैल 2026 को ईरान पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना सभी पक्षों के लिए जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत और डिप्लोमेसी से यह जंग खत्म होगी और इलाके में शांति आएगी। ICRC ने अप्रैल के महीने में ही 170 टन से ज्यादा राहत सामग्री ईरान भेजी थी, जिसमें मेडिकल और फॉरेंसिक सामान शामिल था।

क्षेत्रीय देशों पर क्या आरोप लगे?

बैठक के दौरान यह आरोप भी लगाया गया कि कुछ क्षेत्रीय देशों ने अपनी जमीन और मिलिट्री ठिकानों का इस्तेमाल हमलावरों को करने दिया। ईरान के मुताबिक, ऐसा करने से वे देश भी इस हमले का कानूनी रूप से हिस्सा बन गए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने कितने नागरिक ठिकानों पर हमले का दावा किया है?

ईरान के उप विदेश मंत्री के अनुसार, अमेरिका और इसराइल ने करीब 1,30,000 नागरिक ठिकानों पर हमला किया, जिनमें रिहायशी इलाके, स्कूल और अस्पताल शामिल थे।

ICRC प्रेसिडेंट ईरान क्यों पहुंची थीं?

Mirjana Spoljaric Egger मानवीय संकट पर चर्चा करने, अंतरराष्ट्रीय कानून की याद दिलाने और राहत सामग्री पहुंचाने के समन्वय के लिए ईरान पहुंची थीं।