ईरान के खुफिया मंत्रालय ने एक बड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है। मंत्रालय का कहना है कि देश के दुश्मनों, विशेष रूप से अमेरिका और इसराइल को सैन्य मोर्चे पर हार का सामना करना पड़ा है। इस हार की भरपाई के लिए अब वे ईरान के खिलाफ हाइब्रिड जंग यानी मिश्रित युद्ध का सहारा ले रहे हैं। इस नई रणनीति के तहत ईरान के भीतर अशांति फैलाने और देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

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हाइब्रिड जंग में किन तरीकों का हो रहा है इस्तेमाल

ईरान की खुफिया एजेंसी के अनुसार दुश्मनों ने अपनी रणनीति बदल ली है। अब वे सॉफ्ट वॉर, साइबर हमलों और आर्थिक दबाव के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। इस हाइब्रिड रणनीति में जातीय और धार्मिक मतभेदों को हवा देना, स्टारलिंक उपकरणों की तस्करी, हथियारों की सप्लाई और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार शामिल है। ईरान ने बीबीसी पर्शियन, वॉयस ऑफ अमेरिका और ईरान इंटरनेशनल जैसे विदेशी मीडिया चैनलों पर भी इस मनोवैज्ञानिक युद्ध में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है।

अशांति फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

ईरानी खुफिया मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि देश में किसी भी तरह की अशांति या जासूसी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ देश के कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो स्टारलिंक सैटेलाइट डिवाइस का इस्तेमाल कर विदेशी खुफिया एजेंसियों को देश की संवेदनशील जानकारी भेज रहे थे। खुफिया मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल की तरफ से शुरू की गई सैन्य कोशिशों में उन्हें नाकामी मिली थी, जिसके बाद वे इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इस साजिश में ब्रिटेन और कुछ अरब देशों के शामिल होने की बात भी कही गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने किन देशों पर हाइब्रिड जंग छेड़ने का आरोप लगाया है?

ईरान के खुफिया मंत्रालय ने मुख्य रूप से अमेरिका, इसराइल, ब्रिटेन और कुछ अरब देशों पर हाइब्रिड जंग के जरिए देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

इस हाइब्रिड जंग में किस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है?

इस जंग में स्टारलिंक सैटेलाइट उपकरणों की तस्करी, साइबर हमले, आर्थिक दबाव, जासूसी और विदेशी मीडिया चैनलों के जरिए दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है।