ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाए ने दुनिया के सामने यह बात रखी है कि अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किया गया हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है. ईरान का दावा है कि अमेरिका के क्षेत्रीय साथी भी इस बात को अच्छी तरह जानते हैं कि यह एक एकतरफा फैसला था जिसे कानूनन सही नहीं ठहराया जा सकता.

ईरान के दावे और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का क्या है मामला?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने 1 मई 2026 को अमेरिका के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि यह युद्ध आत्मरक्षा के लिए शुरू किया गया. उन्होंने इस सैन्य अभियान को ईरानी राष्ट्र के खिलाफ सीधा हमला बताया. इस मामले में केवल ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं.

  • 3 अप्रैल 2026 को अमेरिका के 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक पत्र में कहा कि यह युद्ध संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का उल्लंघन है और इसे युद्ध अपराध माना जा सकता है.
  • न्यूयॉर्क सिटी बार एसोसिएशन ने भी अमेरिका और इसराइल द्वारा ताकत के गलत इस्तेमाल की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की मांग की.
  • ईरान का कहना है कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए हमले बिना किसी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के किए गए थे.

शांति की कोशिशें और अमेरिका का कड़ा रुख

तनाव के बीच ईरान ने बातचीत का रास्ता खुला रखा है. विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने एशियाई और यूरोपीय देशों को ईरान के एक नए प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी. उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका अपनी धमकियां और सख्त रवैया छोड़ता है, तो ईरान कूटनीति के जरिए मसले सुलझाने को तैयार है.

दूसरी ओर, अमेरिका का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है. राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में अगर कोई भी रुकावट आई, तो अमेरिका इसका जोरदार जवाब देगा. ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और उसे तय करना है कि वह कूटनीति का रास्ता चुनता है या टकराव को जारी रखता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान इस युद्ध को गैरकानूनी क्यों बता रहा है?

ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल के हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और इसमें आत्मरक्षा का कोई कानूनी आधार नहीं है.

क्या अमेरिका ने अपनी कार्रवाई का कोई कारण दिया है?

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक कानूनी राय में कहा कि यह युद्ध इसराइल की सामूहिक आत्मरक्षा और अमेरिका के अपने आत्मरक्षा के अधिकार के तहत शुरू किया गया था.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.