ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने एक बार फिर अमेरिका पर निशाना साधा है। एजेंसी ने कहा कि मिडिल ईस्ट के देशों में अमेरिका की सेना की मौजूदगी ही असुरक्षा की सबसे बड़ी वजह है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दे रहा है।
ईरान ने अमेरिका की मौजूदगी पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ़ किया कि अमेरिका की सैन्य उपस्थिति से क्षेत्र में सिर्फ असुरक्षा आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है। ईरान का मानना है कि अगर पड़ोसी देशों की ज़मीन का इस्तेमाल हमलों के लिए नहीं होगा, तो उन्हें जवाबी कार्रवाई करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
ईरानी अधिकारियों के मुख्य बयान
| अधिकारी | मुख्य बयान | तारीख |
|---|---|---|
| Esmaeil Baghaei | अमेरिकी मौजूदगी से सिर्फ असुरक्षा आई है | 6 अप्रैल 2026 |
| Abolfazl Shekarchi | अमेरिकी ताकत सिर्फ एक भ्रम है | 27 मार्च 2026 |
| Masoud Pezeshkian | हमले के स्रोत वैध लक्ष्य माने जाएंगे | 7 मार्च 2026 |
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ईरान की मांग क्या है?
ब्रिगेडियर जनरल Abolfazl Shekarchi ने कहा कि असली सुरक्षा तभी संभव है जब अमेरिका फारस की खाड़ी से बाहर जाए और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का नियंत्रण क्षेत्रीय देशों के हाथ में हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश अमेरिकी सेना को जगह देंगे, वे भी खतरे में पड़ सकते हैं क्योंकि उन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सकता है।
