यूएई के फुजैराह पोर्ट पर सोमवार 4 मई 2026 को हुए हमले और आगजनी ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। ईरान ने इस घटना को अपनी कोई सोची-समझी योजना नहीं बताया है, बल्कि इसके लिए अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिससे भारत सहित कई देशों ने गहरी चिंता जताई है।
ईरान के दावे और अमेरिका पर आरोप
ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि फुजैराह पोर्ट पर लगी आग इस्लामिक रिपब्लिक की कोई पहले से तय हमला योजना नहीं थी। ईरान का आरोप है कि यह घटना अमेरिका की सैन्य दुस्साहसिक कार्रवाई का नतीजा है। अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रतिबंधित समुद्री रास्तों से जहाजों की अवैध आवाजाही के लिए रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
- ईरान ने पूरी घटना के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया है।
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि अमेरिका और यूएई को इस दलदल में फिर से घसीटे जाने से बचना चाहिए।
- ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह झूठा बताया है।
- संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने कहा कि अमेरिका द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन से शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
यूएई का बयान और हुए नुकसान की जानकारी
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान ने देश पर कम से कम चार क्रूज मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से तीन को हवा में ही रोक लिया गया और एक समुद्र में गिरी। इसके अलावा यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, तीन क्रूज मिसाइलों और चार ड्रोन को नाकाम किया। फुजैराह मीडिया कार्यालय के अनुसार, एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमले की वजह से फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन में भीषण आग लग गई।
- इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।
- एडीएनओसी (ADNOC) ने पुष्टि की कि उसका एक टैंकर ओमान तट के पास दो ईरानी ड्रोनों से टकराया था।
- यूएई के वरिष्ठ नेता अनवर मोहम्मद गर्गश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा हमले की निंदा करने पर आभार व्यक्त किया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों और जहाजों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई नाकाबंदी को इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य युद्धाभ्यास बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडम ब्रैड कूपर ने जानकारी दी कि अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने छह ईरानी नौकाओं को नष्ट कर दिया है। अमेरिका ने फंसे हुए जहाजों को बाहर निकालने के लिए “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नामक एक अभियान भी शुरू किया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और यूएई के साथ एकजुटता जताई है। फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इन हमलों की निंदा की है। इस तनाव के बीच एक दक्षिण कोरियाई जहाज भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास क्षतिग्रस्त हो गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फुजैराह पोर्ट हमले में कौन घायल हुआ है?
इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ईरान ने इस घटना के लिए अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है?
ईरान का दावा है कि यह हमला उसकी कोई योजना नहीं थी, बल्कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रतिबंधित रास्तों से जहाजों की अवैध आवाजाही का रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा था, जिससे यह घटना हुई।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मिसाइलों के बारे में क्या जानकारी दी?
यूएई के अनुसार, ईरान ने कई मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जिनमें से 12 बैलिस्टिक मिसाइलें, 3 क्रूज मिसाइलें और 4 ड्रोन को नाकाम कर दिया गया था।