वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव डॉ मोहम्मद हुसैन ज़ियाएनिया ने कहा कि ईरान इस जंग में निश्चित रूप से जीतेगा। उन्होंने कहा कि दुश्मन सिर्फ समय बर्बाद कर रहा है और बेहतर होगा कि वह तेहरान की 10 शर्तों को मान ले।

ईरान की जीत का दावा और 10 शर्तें क्या हैं?

डॉ ज़ियाएनिया ने साफ किया कि ईरान के लोग और सरकार एक साथ हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है क्योंकि देश में एकता और दृढ़ संकल्प है। तेहरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 10 शर्तें रखी हैं। उनके मुताबिक, दुश्मन को अब इन शर्तों को स्वीकार कर लेना चाहिए क्योंकि समय बर्बाद करने से कोई फायदा नहीं होगा।

अमेरिका की धमकियों और अंतरराष्ट्रीय कानून पर क्या बोले अधिकारी?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एनर्जी टारगेट को बमबारी करने की धमकी दी थी। डॉ ज़ियाएनिया ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि दुनिया इन बयानों पर चुप क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अमेरिका के बेस ईरान के आसपास रहकर हमले करते हैं, तो ईरान का चुप रहना मुमकिन नहीं है और वह हमलावरों को जवाब देगा।

ईरान की सरकार और लोगों की एकता पर क्या सफाई दी?

पश्चिमी मीडिया के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान एक रिपब्लिक है और यहाँ सब कुछ किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। उन्होंने बताया कि ईरानी जनता पूरी तरह एकजुट है। अगर पहले कभी कोई मतभेद दिखा भी था, तो वह बाहरी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कब शुरू हुआ और अभी क्या स्थिति है?

यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। 7 अप्रैल को दोनों देशों के बीच युद्धविराम (ceasefire) हुआ था जिसे बाद में आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में एक कमजोर युद्धविराम लागू है।

तेहरान ने वाशिंगटन को नया प्रस्ताव क्या दिया है?

तेहरान ने वाशिंगटन को एक नया प्रस्ताव भेजा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जा सके और युद्ध खत्म हो। परमाणु बातचीत पर बाद में चर्चा की जाएगी।