ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का टोल टैक्स या ट्रांजिट ड्यूटी लगाने की खबरों पर अपनी स्थिति साफ कर दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार का जहाजों से कोई भी टोल वसूलने का इरादा नहीं है। हालांकि, नेविगेशन सेवाओं और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जरूरी फीस जरूर ली जा रही है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित व्यापार सुनिश्चित करने के लिए ईरान और ओमान मिलकर एक खास सुरक्षा प्रोटोकॉल पर तेजी से काम कर रहे हैं।

क्या सच में हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूला जा रहा है टैक्स?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान जहाजों पर कोई ‘ट्रांजिट ड्यूटी’ या टोल नहीं लगा रहा है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि जहाजों से ‘नेविगेशन सेवाओं’ और पर्यावरण की सुरक्षा से जुड़े कदमों के लिए कुछ शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क हॉर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है। इससे पहले वहां के एक प्रमुख अखबार ‘कायहान’ ने मांग उठाई थी कि ईरान को जहाजों से रास्ता शुल्क वसूलना चाहिए, जिसके बाद सरकार ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है।

ईरान और ओमान मिलकर क्या नया प्रोटोकॉल बना रहे हैं?

ईरान और ओमान दोनों देश मिलकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नए नियम यानी प्रोटोकॉल का मसौदा तैयार कर रहे हैं। ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी के अनुसार, इस नए प्रोटोकॉल का मुख्य उद्देश्य सामान्य परिस्थितियों में जहाजों के सफर को सुरक्षित और आसान बनाना है। यह नियम जहाजों की निगरानी और सहयोग के लिए है, न कि उन पर किसी तरह की पाबंदी लगाने के लिए। इस क्षेत्र से खाड़ी देशों और भारत का बड़ा व्यापारिक हिस्सा जुड़ा हुआ है, जिससे यह सुरक्षा प्रोटोकॉल प्रवासियों और व्यापारियों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।

इस क्षेत्र में मैनेजमेंट को लेकर क्या बदलाव हुए हैं?

मई 2026 की शुरुआत में ‘पर्सियन गल्फ वाटरवे मैनेजमेंट’ (PGSA) नाम की संस्था सामने आई थी। इस संस्था ने दावा किया था कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के प्रबंधन के लिए अधिकृत कानूनी संस्था है और जहाजों को यहां से गुजरने के लिए अनुमति लेनी होगी। ईरान लगातार अन्य तटीय देशों के साथ मिलकर एक मजबूत व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि खाड़ी के इस बेहद संवेदनशील रास्ते पर किसी भी देश के मालवाहक जहाज को परेशानी न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को कोई टोल टैक्स देना होगा?

नहीं, ईरान सरकार ने साफ किया है कि वह जहाजों से कोई टोल टैक्स या ट्रांजिट ड्यूटी नहीं ले रही है, लेकिन नेविगेशन सर्विस और पर्यावरण सुरक्षा शुल्क लिया जाता है।

ईरान और ओमान मिलकर क्या नया नियम बना रहे हैं?

दोनों देश मिलकर एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं ताकि शांति के समय में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को बेहतर और सुरक्षित रास्ता दिया जा सके।