ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और अब यहां से गुजरने वाले जहाजों से पैसा वसूलने की तैयारी कर रहा है। इस कदम के बाद दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है। जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने ईरान से इस समुद्री रास्ते को बिना किसी रोक-टोक के खोलने की मांग की है।
ईरान का नया नियम और PGSA का गठन
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने 18 मई 2026 को ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA)’ नाम की एक नई संस्था बनाई है। यह संस्था अब होर्मुज़ जलडमरूमध्य का पूरा प्रबंधन करेगी। ईरान के संसदीय समिति के चेयरमैन Ebrahim Azizi ने साफ किया है कि अब केवल वही कमर्शियल जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल कर पाएंगे जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे और तय टोल टैक्स देंगे।
जर्मनी की चेतावनी और अमेरिका के साथ बातचीत
जर्मन चांसलर Friedrich Merz ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते को तुरंत खोले और अमेरिका के साथ गंभीर बातचीत शुरू करे। उन्होंने UAE और अन्य क्षेत्रीय देशों पर ईरान के हवाई हमलों की भी कड़ी निंदा की है। फिलहाल पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है। हालांकि, ईरान का मानना है कि अमेरिका की शर्तें बहुत ज्यादा सख्त हैं, जिसमें केवल एक परमाणु साइट चालू रखने की बात कही गई है।
दुनिया भर में तेल की कमी का खतरा
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 18 मई 2026 को चेतावनी जारी की है कि दुनिया में कच्चे तेल का स्टॉक तेजी से कम हो रहा है। इसका बड़ा कारण ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में आई रुकावट है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जहां सभी जहाजों को बिना किसी बाधा के आने-जाने का हक है, लेकिन ईरान इसे अपने नियंत्रण में रखना चाहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लिए क्या नया नियम बनाया है?
ईरान ने PGSA नाम की एक नई अथॉरिटी बनाई है जो इस समुद्री रास्ते को मैनेज करेगी और यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से टोल टैक्स वसूलेगी।
जर्मनी ने ईरान से क्या मांग की है?
जर्मन चांसलर Friedrich Merz ने मांग की है कि ईरान इस रास्ते को बिना किसी पाबंदी के खोले और अमेरिका के साथ शांति के लिए बातचीत करे।
