ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और यात्रियों पर पड़ने लगा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को इसमें प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इस अस्थिर माहौल को देखते हुए यूएई और कतर जाने वाले यात्रियों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।
ईरान का नया नियम और अमेरिका को चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्रालय और नौसेना ने नया नियम लागू किया है जिसके तहत इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरान से अनुमति लेनी होगी। ईरान ने साफ़ कहा है कि अगर कोई जहाज अमेरिका या इजरायल का हुआ, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है। अराघची ने यूएई (UAE) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना यूएई के कुछ इलाकों से ईरानी ठिकानों पर हमले कर रही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि विदेशी ताकतों को अपने बंदरगाहों पर पनाह देना यूएई के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने कमर्शियल जहाजों को ओमान के समुद्री इलाके से गुजरने की सलाह दी है।
यात्रियों और प्रवासियों पर सीधा असर
इस क्षेत्रीय तनाव के कारण भारत से खाड़ी देशों में जाने वाले भारतीय कामगारों और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यूएई एयरपोर्ट अथॉरिटी के निर्देशों के बाद दुबई, अबू धाबी और दोहा की कई फ्लाइट्स को रद्द कर दिया है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में रहने वाले भारतीय छात्रों पर भी असर पड़ा है। सीबीएसई (CBSE) ने सुरक्षा को देखते हुए मिडिल ईस्ट के कई देशों में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। सऊदी अरब और बहरीन में होने वाले बड़े खेल आयोजनों को भी फिलहाल टाल दिया गया है।
