ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले की वजह से कई गैस और तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगा, यह रास्ता बंद रहेगा। इस तनाव के कारण समुद्र में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।

ईरान ने रास्ता क्यों बंद किया और अब क्या नियम हैं?

ईरान की सैन्य कमांड ‘खतम अल-अनबिया’ ने बताया कि अब इस जलमार्ग का पूरा कंट्रोल सशस्त्र बलों के पास होगा। ईरान के अनुसार, अमेरिका ने उनके बंदरगाहों को ब्लॉक कर रखा है, जिसे वह नियमों का उल्लंघन मानता है। अब किसी भी कमर्शियल जहाज को यहाँ से गुजरने के लिए ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) से तालमेल करना होगा। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनकी नौसेना अमेरिकी सेना को जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

जहाजों पर क्या असर पड़ा और भारत का क्या रुख है?

इस बंद के कारण कई LPG और तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया है और कुछ ने वहां से गुजरने की कोशिश छोड़ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ जहाजों पर फायरिंग भी हुई है और दो मर्चेंट जहाजों पर गोलियां चली हैं। इस घटना के बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया है क्योंकि भारतीय झंडे वाले जहाजों पर हमले की खबरें आई हैं। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे ब्लैकमेल बताया है और कहा कि उनकी नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य विवाद की मुख्य बातें

मुख्य बिंदु विवरण
तारीख 18 अप्रैल 2026
कारण अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी
प्रभावित जहाज गैस टैंकर, तेल जहाज और कमर्शियल वेसल्स
शर्त IRGC के साथ तालमेल जरूरी
भारत की कार्रवाई ईरानी राजदूत को बुलाया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.