ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता, सैकड़ों जहाज फंसे
ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है. इस फैसले से खाड़ी देशों की धड़कनें बढ़ गई हैं क्योंकि उनका तेल और ऊर्जा निर्यात इसी समुद्री रास्ते से होता है. इस समय समुद्र में सैकड़ों व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं और पूरी दुनिया की नज़रें अब इस तनावपूर्ण स्थिति पर टिकी हैं.
ईरान ने जलडमरूमध्य को दोबारा क्यों बंद किया?
ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, 21 अप्रैल 2026 को तेहरान ने इस रास्ते को अगली सूचना तक बंद करने का ऐलान किया. ईरान का कहना है कि अमेरिका और इज़राइल ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है और उन पर हमले किए हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने अपनी शर्तें तोड़ी हैं, इसलिए यह प्रतिक्रिया दी गई है. ईरान की सैन्य कमान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, यह रास्ता बंद रहेगा.
खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था और जहाजों पर क्या होगा असर?
इस रास्ते के बंद होने से खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा है. कुवैत जैसे देशों की लगभग 90 प्रतिशत सरकारी आय तेल निर्यात से आती है, जो इसी मार्ग से गुजरता है. वर्तमान में फारस की खाड़ी में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से सम्मान बनाए रखने और इस जलमार्ग को खोलने की अपील की है. UN अब इन फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है.
अमेरिका का क्या स्टैंड है और आगे क्या होगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को युद्धविराम समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया है. हालांकि, कुछ रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने युद्धविराम की समय सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है ताकि ईरानी नेता कोई प्रस्ताव तैयार कर सकें, लेकिन अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी. दूसरी ओर, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं होता, इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का नियंत्रण रहेगा और उन्हें तय शुल्क देना होगा.