ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, 14 जहाजों को रोका गया, भारतीय जहाज भी हुआ निशाना

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव बहुत बढ़ गया है और ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले से दुनिया भर के तेल और मालवाहक जहाजों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। इस विवाद में भारत का एक जहाज भी फंस गया है जिसे कथित तौर पर निशाना बनाया गया। यह रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है।

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ईरान ने रास्ता बंद क्यों किया और क्या हुआ?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 19 अप्रैल 2026 को इस जलमार्ग को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी। अब बिना मंजूरी के कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुज़र पाएगा। खबरों के मुताबिक यहाँ फायरिंग की घटनाएं भी हुईं और कुल 14 जहाजों को रोका गया। इनमें से कुछ जहाज बारूदी सुरंगों के बीच से गुज़रे।

भारत की चिंता और जहाजों की स्थिति

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते खतरों को लेकर गहरी चिंता जताई है। भारत ने मांग की है कि नागरिक और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तुरंत बहाल की जाए। इस बीच, रुके हुए 14 जहाजों में एक भारतीय जहाज भी शामिल है। इससे पहले 18 अप्रैल को ईरान ने रास्ता खोलने की बात कही थी, जिससे तेल की कीमतों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई थी, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही हालात फिर बिगड़ गए।

प्रभावित देश और संस्थाएं

संस्था/देश भूमिका और स्थिति
ईरान (IRGC) समुद्री रास्ता बंद किया और सैन्य नियंत्रण लागू किया
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी
भारत UN में चिंता जताई, एक जहाज निशाना बनाया गया
Kpler शिपिंग एनालिटिक्स फर्म जिसने जहाजों की आवाजाही का डेटा दिया
सऊदी, UAE, कतर यहाँ से लोड होकर तेल और गैस के जहाज रवाना हुए थे
चीन, इंडोनेशिया इन देशों की ओर LPG जहाज जा रहे थे
दक्षिण कोरिया, ताइवान, श्रीलंका इन देशों की ओर रिफाइंड उत्पाद और कच्चे तेल के टैंकर बढ़े थे